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आधुनिक तकनीक और पद्धतियां चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में सहायक: राष्ट्रपति

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर उठते सवालों के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत की भागौलिक एवं सामाजिक विविधता एवं विशालता को देखते हुए देश में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने में आधुनिक तकनीक को अपरिहार्य बताया है. उन्होंने कहा है कि आधुनिक पद्धतियों का उपयोग निर्वाचन प्रक्रिया की सफलता में सहायक हैं.

कोविंद ने शुक्रवार को नौवें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा ‘‘भौगोलिक विविधता से सम्पन्न हमारे विशाल देश में सफलतापूर्वक चुनाव कराने में आधुनिक टेक्नॉलॉजी और पद्धतियों के उपयोग से बहुत सहायता मिलती है.’’

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के सफल संचालन और प्रबंधन में अत्याधुनिक तकनीक को मददगार बनाकर भारत इस क्षेत्र में अन्य देशों के लिए भी सहायक साबित हो रहा है.

उन्होंने कहा ‘‘पूरे विश्व में भारत के लोकतन्त्र और निर्वाचन-प्रणाली का विशेष सम्मान है. कई देशों के चुनाव-संस्थानों ने हमारी निर्वाचन प्रक्रिया और प्रबंधन का अध्ययन किया है. अनेक देशों के निर्वाचन-प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को भारत के निर्वाचन-आयोग ने प्रशिक्षण दिया है. कई देशों ने अपनी चुनाव-प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए हमारे निर्वाचन- आयोग का सहयोग भी लिया है.’’

निर्वाचन आयोग आज अपना 70 वां स्थापना दिवस भी मना रहा है. इस अवसर पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा और विभिन्न देशों के वरिष्ठ निर्वाचन अधिकारी मौजूद थे. इस दौरान राष्ट्रपति ने मतदाता बनने के लिए जरूरी 18 साल की उम्र पूरी कर पहली बार मतदाता बने दिल्ली के छह युवा मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र सौंपे.

राष्ट्रपति कोविंद ने इन मतदाताओं को पहली बार मतदान करने जा रहे युवाओं के लिए सजग मतदाता बनने का संदेशवाहक बनने की अपील की. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया ‘‘अपने इस गौरवपूर्ण अधिकार का उपयोग करते समय, आप सबको, जानकारी, ज़िम्मेदारी, नैतिकता और संवेदनशीलता से काम लेना होगा. आप सभी युवा मतदाता उस पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं जो पहली बार हमारे देश में इस वर्ष होने वाले आम चुनाव में मतदान करेंगे और 17वीं लोकसभा का स्वरूप तय करेंगे.

राष्ट्रपति ने भारत में आम चुनाव को ‘लोकतंत्र का महायज्ञ’ बताते हुए इस भव्य एवं विशाल अभियान में चुनाव आयोग के अनथक प्रयासों को सराहनीय बताया. उन्होंने कहा ‘‘हमारे देश में लगभग 89 करोड़ मतदाता हैं और मतदान केंद्रों की संख्या लगभग दस लाख होती है. इनमें बहुत से मतदान केंद्र, जंगलों-पहाड़ों-रेगिस्तान जैसे दुर्गम स्थानों पर होते हैं. लेकिन हर चुनौती का सामना करते हुए हमारे मतदाताओं और निर्वाचन-आयोग के संयुक्त प्रयासों के बल पर मतदान प्रक्रिया निष्पक्षता और सफलता के साथ सम्पन्न होती है. इस सफलता के लिए भारत का प्रत्येक मतदाता और भारत का निर्वाचन आयोग बधाई के पात्र हैं.’’

उन्होंने कहा कि 70वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, आप सभी को, मेरी हार्दिक शुभकामनाएं! यह दिवस, लोकतंत्र पर आधारित हमारे गणराज्य के उच्च आदर्शों को याद करने का अवसर है.

राष्ट्रपति ने कहा, ''गणतंत्रदिवस देश के सभी नागरिकों के लिए स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के आदर्शों के प्रति अपनी आस्था को दोहराने का अवसर है. और इन सबसे बढ़कर, हमारा गणतंत्र दिवस, हम सबके भारतीय होने के गौरव को महसूस करने का भी अवसर है''

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