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VIDEO: सियाचिन के -70 डिग्री तक के तापमान में ऐसी है भारतीय जवानों की जिंदगी, हथौड़े से तोड़ने पड़ते हैं अंडे

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

सियाचिन के तापमान से कौन वाकिफ नहीं है, चाहे पूरे भारत में कैसा भी तापमान रहे लेकिन यहां का मौसम हमेश से ही बर्फिला रहता है, तापमान इतना ठंडा होता है कि सामान्य जीवन जीना लगभग नामुकिन है। लेकिन इन विपरित परिस्थियों में भारतीय सेना देश की सुरक्षा के लिए हमेशा इस गलेशियर पर तैनात रहती है।

हालांकि हड्डीयां गला देने वाली ठंड में सेना को काफी सावधानियां बरतनी पड़ती है। अपने पहले भी कई मौकों पर सियाचिन या वहां तैनात सेना के संघर्ष से जुड़ी चीजे पड़ी होंगी या देखी होंगी। लेकिन अब आपको सियाचिन का वीडियो दिखाते हैं यहां माइनस डिग्री 40 के तापमान में कैसे हमारे जवान देश की रक्षा कर रहे हैं। यहां ठंड इतनी है कि यहां अंडे और टमाटर पत्थर बन गए हैं। 

वीडियो में आर्मी के जवान को यहां की स्थिति कुछ अगर ही अंदाजा में बताते हुए सुना जा सकता है, वो कहते हैं कि...

'यह रियल जूस है। यहाँ आपको इसे पीने के लिए उबालना पड़ता है। यहां तक कि अगर आप एक हथौड़ा के साथ जूस पर मारते हैं, तो भी इसे तोड़ना असंभव है। अब, इस ग्लेशियर में आए इन अंडों को देखें, लेकिन इन अंडों पर कितना भी वार कर लो ये टूटने वाले नहीं हैं। आलू को भी सीधे काटना अंसभव है इसको काटने के लिए आपको इसको उबालना पड़ेगा। प्याज, अदरक आदि चीजों का हाल भी जुदा नहीं है। इसलिए सायाचिन में रहना आसान नहीं है क्योंकि यहां का तापमान -40 से लेकर -70 तक पहुंच जाता है।'

सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र। यहां जवानों जिंदगी कितनी मुश्किल है कि इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं। यहां जवानों के लिए आया खाना.जूस अंडे और टमाटर पत्थर बन जाते।

बता दें, हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पदभार संभालने के दो दिन बाद  दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन का दौरा किया और 12,000 फुट की ऊंचाई पर विषम परिस्थितियों में सीमा की रक्षा कर रहे जवानों से बातचीत की थी।

सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत और उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रणबीर सिंह के साथ सियाचिन पहुंचे थे, सिंह ने जवानों की बहादुरी को सलाम किया था

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