Vice President M Venkaiah Naidu (File Photo| PTI)
Vice President M Venkaiah Naidu (File Photo| PTI)

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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की दो टूक, 'अफजल गुरु का अधूरा काम पूरा करने की सोच शर्मनाक और मूर्खतापूर्ण'

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

संसद भवन पर आतंकी हमले के मामले में मृत्युदंड पाने वाले अफजल गुरु के जुर्म का समर्थन कर रहे लोगों से नाराजगी जाहिर करते हुए उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि इन व्यक्तियों की ऐसी लोकतंत्र विरोधी सोच शर्मनाक और मूर्खतापूर्ण है।

नायडू ने इंदौर में निजी विश्वविद्यालय वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में कहा, "देश के 920 विश्वविद्यालयों में से कुछेक विश्वविद्यालय ही गलत कारणों के चलते खबरों में आते हैं। (इन विश्वविद्यालयों में) कुछ विवाद सामने आते हैं। कुछ लोगों द्वारा कहा जाता है कि अफजल गुरु का अधूरा काम वे पूरा करेंगे।"

उन्होंने किसी विश्वविद्यालय का नाम लिये बगैर आगे कहा, "ऐसी सोच रखने वाले लोगों को शर्म आनी चाहिये। अफजल गुरु ने भारतीय संसद को बम धमाके से उड़ाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त करने का षड़यंत्र रचा था।" नायडू ने कहा, "जब (13 दिसंबर 2001 को) संसद भवन पर आतंकी हमला हुआ, तो मैं भी वहीं था। लेकिन हम लोग बच गये। फिर भी कुछ लोग कह रहे हैं कि वे अफजल गुरु का अधूरा काम पूरा करेंगे। यानी इन लोगों के इरादे संसद भवन को बम से उड़ाकर भारत में लोकतंत्र को समाप्त करने के हैं। यह कितनी बेवकूफी भरी सोच है।"

उप राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के कदम के बारे में कई लोगों के अज्ञान पर चिंता भी जतायी। उन्होंने इतिहास को याद रखे जाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, "मैं देश के उप राष्ट्रपति के रूप में आज एक बात कहना चाहता हूं कि कई बच्चे नहीं जानते कि हाल ही में अनुच्छेद 370 के संदर्भ में संसद में कितनी विस्तृत चर्चा हुई।"

नायडू ने कहा, "जब मैंने यह बात अपनी पत्नी से कही, तो उसने मुझे जवाब दिया कि मैं केवल बच्चों की बात क्यों कर रहा हूं। अनुच्छेद 370 के विषय की पृष्ठभूमि और इसके अलग-अलग पहलुओं के बारे में कई पुरुषों और महिलाओं को भी पर्याप्त ज्ञान नहीं है।" उन्होंने जोर देकर कहा, "भारत हमारा देश है। अगर कश्मीर में कुछ चल रहा है, तो हम उससे चिंतित हैं। कन्याकुमारी में कुछ चल रहा है, तो हम सबको इससे चिंतित होना चाहिये। देश की एकता और अखंडता हमारे लिये सर्वोपरि है।"

उप राष्ट्रपति ने इस बात पर भी नाराजगी जतायी कि देश के कुछ राज्यों में लोगों की आहार संबंधी आदतों को लेकर अनर्गल विवाद पैदा किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "जिसे जो खाना है, वह खाये। लेकिन कुछ लोग बीफ फेस्टिवल और एंटी बीफ फेस्टिवल मना रहे हैं। कुछ इलाकों में किस फेस्टिवल (चुंबन उत्सव) का आयोजन कर बेवजह विवाद पैदा किया जा रहा है। ऐसे उत्सव मनाकर समाज में विषमता पैदा करने की भला क्या जरूरत है?"

नायडू ने यह भी कहा, "हम सभी भारतीय हैं। भले ही हम मुस्लिम हों, ईसाई हों, हिंदू हों, जैन हों, शैव हों, वैष्णव हों या आर्यसमाजी ही क्यों न हों। हर वह व्यक्ति भारतीय है जिसने (बंटवारे के वक्त) तय किया था कि वह पाकिस्तान नहीं जायेगा और भारत में ही रहेगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि एक भारतीय का धर्म क्या है।"

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