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नदी जोड़ो परियोजना अभी भी सिरे नहीं चढ़ी, समिति ने राज्यों के बीच सहमति बनाने को कहा

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

देश में नदियों को आपस में जोड़ने की कोई भी परियोजना अभी कार्यान्वयन के स्तर पर नहीं पहुंची है और परियोजना के लिये अभी तक केवल सांकेतिक बजटीय प्रावधान किये गए हैं । जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग ने संसद की एक समिति को यह जानकरी दी ।

इसी के मद्देनजर समिति ने विभाग से नदियों को परस्पर जोड़ने की परियोजनाओं के कार्यान्वयन से जुड़े विषयों पर राज्यों के बीच सहमति बनाने के लिये ठोस एवं समयबद्ध प्रयास करने को कहा है।

लोकसभा में पिछले दिनों पेश जल संसाधन संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ जब कभी भी परियोजना को कार्यान्वित किया जायेगा तब बजट में उसके लिये उपयुक्त निधि का प्रावधान किया जायेगा । ’’ रिपोर्ट के अनुसार, हिमालयी घटक के तहत 14 नदी जोड़ो परियोजना की व्यवहार्यता पूर्व रिपोर्ट (पीएफआर), दो नदी जोड़ो परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट (भारतीय हिस्से में), और सात परियोजना की प्रारूप व्यवहार्यता रिपोर्ट पूरी हो चुकी है । प्रायद्वीपीय घटक के तहत 16 नदी जोड़ो परियोजना की व्यवहार्यता पूर्व रिपोर्ट (पीएफआर) और 6 नदी जोड़ो परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है ।

विभाग ने समिति को बताया, ‘‘ कोई भी नदी जोड़ो परियोजना कार्यान्वयन के स्तर पर नहीं पहुंची है । हालांकि जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग केन..बेतवा, दमन गंगा...पिंजाल, पार तापी नर्मदा और गोदावरी कावेरी नदी जोड़ो परियोजना के कार्यान्वयन के लिये पक्षकार राज्यों के बीच सहमति बनाने का प्रयास कर रहा है । इन नदी जोड़ो परियोजना की डीपीआर पहले ही तैयार हो चुकी है ।’’ रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘ नदियों को आपस में जोड़ने पर अमल करने में मुख्य बाधा या अड़चन, प्रस्तावों में प्रस्तावित जल बंटवारे, विद्युत की आवश्यकता आदि के संबंध में राज्यों में सहमति बनाना शामिल है । ’’ रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने कहा है कि नदियों को परस्पर जोड़ने की परियोजनाओं के कार्यान्वयन से जुड़े विषयों पर राज्यों के बीच सहमति बनाने के लिये ठोस एवं समयबद्ध प्रयास किये जाएं ताकि यह परियोजना और विलंब के बिना कार्यान्वित की जा सके ।

जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हाल ही में कहा था कि नदी जोड़ो परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए देश के सभी राज्यों को आपसी सहयोग करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार देश की 31 नदियों को आपस में जोड़ने के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। उनका मानना है कि सभी राज्यों ने सहयोग किया तो अगले 5 साल में नदी जोड़ो परियोजना में प्रभावी प्रगति आएगी।

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान किसानों एवं फसलों के बारे में नियम 193 के तहत चर्चा के दौरान अनेक दलों के सदस्यों ने नदी जोड़ो परियोजना को आगे बढ़ाने की वकालत की थी ।

गौरतलब है कि नदियों को आपस में जोड़ने का विचार 161 साल पुराना है। 1858 में ब्रिटिश सैन्य इंजीनियर आर्थर थॉमस कॉटन ने बड़ी नदियों के बीच नहर जोड़ का प्रस्ताव दिया था, ताकि ईस्ट इंडिया कंपनी को बंदरगाहों की सुविधा हो सके और दक्षिण-पूर्वी प्रांतों में बार-बार पड़ने वाले सूखे से निपटा जा सके।
 

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