General News

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आम्रपाली समूह के कार्यालयों को सील करने की प्रक्रिया शुरू

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद आम्रपाली ग्रुप के कार्यालयों को सील करने की प्रक्रिया यहां शुरू कर दी गई है और नोएडा पुलिस, समूह के निदेशक अनिल शर्मा, शिवप्रिय और अजय शर्मा को लेकर नोएडा पहुंच गयी है. नगर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद आम्रपाली ग्रुप के कार्यालयों को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

समूह के सेक्टर 62 स्थित कॉरपोरेट ऑफिस, सेक्टर 76 , सेक्टर 45 और ग्रेटर नोएडा स्थित कार्यालय सहित सात संपत्तियों को इस समय सील किया जा रहा है.

सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई के लिए पुलिस उपाधीक्षक (जेवर) शरद चंद शर्मा को नोडल अधिकारी बनाया गया है. इस टीम में थाना सेक्टर 58 के प्रभारी निरीक्षक पंकज, थाना सेक्टर 39 के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार सिंह, क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर मिथिलेश उपाध्याय सहित दो दर्जन पुलिसकर्मियों को लगाया गया है.

उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई बुधवार देर रात तक चलेगी.

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को आम्रपाली समूह की नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्थित सात संपत्तियों सहित कुल नौ संपत्तियां सील करने का निर्देश दिया. इससे पहले, कल से ही पुलिस हिरासत में आम्रपाली समूह के तीन निदेशकों ने बुधवार को न्यायालय को बताया कि इन संपत्तियों में ही समूह की 46 कंपनियों से संबंधित सारे दस्तावेज रखे हैं.

तीनों निदेशकों ने न्यायमूर्ति उदय यू ललित और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की पीठ के समक्ष एक अर्जी दायर की जिसमें कहा गया था कि वे सारे दस्तावेज सौंपने के लिये तैयार हैं परंतु पुलिस को यह जानकारी नहीं है कि कौन से दस्तावेज जब्त करने हैं.

न्यायालय ने समूह के तीन निदेशकों अनिल कुमार शर्मा, शिव प्रिय और अजय कुमार को कल ही पुलिस हिरासत में लेने का आदेश दिया था. समूह के रवैये पर नाराजगी व्यक्त करते हुये पीठ ने कहा था कि वह न्यायालय के साथ लुका छिपी खेल रही है और फारेंसिक आडिटर को सारे दस्तावेज सौंपने के न्यायिक आदेश का पालन नहीं कर रही है.

इन निदेशकों ने कहा कि आम्रपाली समूह की 46 कंपनियों से संबंधित दस्तावेज नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सात और बिहार के बक्सर तथा राजगीर में दो स्थानों पर रखे हुये हैं.

पीठ ने अपने आदेश मे कहा, ‘‘हम नोएडा और ग्रेटर नोएडा के पुलिस अधीक्षक को निर्देश देते हैं कि इन निदेशकों की उपस्थिति में ये सातों संपत्तियां सील की जायें.’’ पीठ ने आगे कहा, ‘‘हम राजगीर और बक्सर के पुलिस अधीक्षक को निर्देश देते हैं कि इन दोनों स्थानों को तत्काल सील करें.’’

न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि इन नौ संपत्तियों को सील करने के बाद इनकी चाबियां शीर्ष अदालत के रजिस्ट्रार को सौंप दी जायें.

(इनपुट- भाषा)


 

DO NOT MISS