PM Modi, PTI
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रक्षा प्रतिष्ठानों के पास भवनों के पुनर्निर्माण के लिए नीति को जल्द दिया जाएगा अंतिम रूप: मोदी सरकार

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

सरकार ने आज लोकसभा को सूचित किया कि रक्षा प्रतिष्ठानों के आसपास पुराने भवनों की मरम्मत को लेकर नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द इस संबंध में लटकी परियोजनाओं के लिए समाधान निकाल लिया जाएगा।

पूर्व रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रश्नकाल में पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए यह भी कहा कि यह बहुत संवेदनशील और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। ऐसे मुद्दों में थोड़ा समय लगता है। इसलिए इस संबंध में नीति को अंतिम रूप दिये जाने तक थोड़ा धैर्य रखना होगा।

उन्होंने इस संबंध में सैन्य बलों और असैन्य लोगों के बीच संघर्ष की धारणाओं को भी पूरी तरह खारिज किया।

रक्षा प्रतिष्ठानों के समीप निर्माण कार्यों से जुड़े विषय पर भाजपा के गोपाल शेट्टी, कांग्रेस के शशि थरूर, शिवसेना के अरविंद सावंत और इसी दल के राहुल शेवाले ने इस संबंध में निर्माण कार्य और मरम्मत की अनुमति नहीं मिलने पर चिंता जताते हुए सरकार से पूरक प्रश्न पूछे।

शेवाले ने कहा कि वह स्वयं सांसद हैं और उनके पिता नौसेना के सेवानिवृत्त पूर्व अधिकारी हैं, लेकिन उन्हें भी मुंबई में उनके घर की मरम्मत की अनुमति नहीं मिल रही है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के देश से बाहर होने के चलते पूर्व रक्षा मंत्री सीतारमण पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रही थीं। उन्होंने कहा कि पूर्व रक्षा मंत्री होने के नाते वह इस विषय पर कुछ तथ्यों से अवगत हैं।

सीतारमण ने कहा, ‘‘संवेदनशील मुद्दा है। साथ ही सरकार विकास और शहरी आवासों के लिए भी प्रतिबद्ध है।’’ उन्होंने कहा कि 2011 को इस संबंध में जारी दिशानिर्देशों से पूर्व रक्षा प्रतिष्ठानों के निकट जो भी भवन पहले से बने हुए हैं, वे नयी नीति के दायरे में नहीं आते।

उन्होंने कहा कि यह भी कहना गलत होगा कि 2017 के बाद इस संबंध में एक भी अनुमति नहीं दी गयी है।

सीतारमण ने मुंबई के सदस्यों की चिंताओं पर कहा कि 2017 के बाद मुंबई में रक्षा प्रतिष्ठानों के पास पुनर्निर्माण आदि के 22 प्रस्ताव मिले जिनमें सात को अनुमति दी गयी। सुरक्षा कारणों से कुछ परियोजनाओं को अनुमति नहीं दी गयी। केवल एक परियोजना पर अध्ययन चल रहा है।

उन्होंने कहा कि जब हम मुंबई महानगर में इस संबंध में निर्माण की बात करते हैं तो हमें 2008 के मुंबई आतंकी हमले को भी याद रखना होगा।

रक्षा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने पूरक प्रश्नों के उत्तर में कहा कि सुरक्षा कारणों से इस संबंध में अध्ययन चल रहा है। मुद्दा आखिरी चरण में और जल्द से जल्द इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया, ‘‘रक्षा मंत्रालय ने भवन निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमण-पत्र (एनओसी) जारी करने के लिए दिशा-निर्देशों के बारे में 21 अक्टूबर 2016 को परिपत्र जारी किया। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार उन सैन्य स्टेशनों की पहचान की गयी है जिनके लिए दिशा-निर्देशों में यथा विनिर्दिष्ट दूरी के अंदर स्थानीय सैन्य प्राधिकरण (एलएमए) से एनओसी प्राप्त करना अपेक्षित है।

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