Image Source : PTI/FILE
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कोरोना वायरस से उत्पन्न स्थिति पर मंत्रिसमूह रोजाना आधार पर समीक्षा कर रहा है : हर्षवर्धन

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

सरकार ने सोमवार को कहा कि चीन में फैले नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से देश में उत्पन्न हालात से निपटने के लिए कई कदम उठाये जा रहे हैं और स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में गठित एक मंत्रिसमूह (जीओएम) रोजाना आधार पर समीक्षा कर रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने चीन में नोवेल कोरोना वायरस के प्रकोप के संबंध में भारत सरकार के कदमों के बारे में लोकसभा में स्वत: आधार पर बयान दिया।

उन्होंने कहा कि उनकी अध्यक्षता में मंत्रियों का एक समूह (जीओएम) बनाया गया है जो पूरे देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका के चलते उत्पन्न स्थिति पर निगरानी रख रहा है।

इसमें विदेश मंत्री, नागर विमानन मंत्री, गृह राज्य मंत्री, जहाजरानी राज्य मंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री को शामिल किया गया है।

उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि भारत सरकार स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी गई है तथा नोवेल कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘ हमारे देश में अभी तक केरल से कोरोना वायरस के तीन पॉजिटिव मामलों की पुष्टि हुई है। इन लोगों ने अतीत में चीन के वुहान क्षेत्र की यात्रा की थी।’’

उन्होंने कहा कि इन लोगों को पृथक कर दिया गया है तथा क्लीनिकल आधार पर इनकी हालत स्थिर बताई गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कैबिनेट सचिव विभिन्न विभागों और राज्य के मुख्य सचिवों के साथ स्थिति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय स्थिति की सतत समीक्षा कर रहा है और हर दूसरे दिन राज्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग की जाती है।

उन्होंने बताया कि नोवेल कोरोना वायरस फैलने की आशंका को देखते हुए भारत सरकार ने 17 जनवरी को पहला यात्रा परामर्श जारी किया था। यात्रा परामर्शों को भी हर दिन आवश्यकता के आधार पर बदला जा रहा है।

हर्षवर्धन ने कहा कि वर्तमान में चीन से आने वाले किसी भी विदेशी नागरिक को मिला वर्तमान वीजा, जिसमें ई-वीजा भी शामिल है, वैध नहीं है। लोगों को चीन की यात्रा न करने की सलाह दी गई है तथा चीन से लौटे लोगों को अलग रखा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जिन लोगों को भारत की यात्रा करने के लिए, बहुत ही मजबूरी हो, उनसे बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास अथवा शंघाई या गुआंग्झाओ स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क करने को कहा गया है।

हर्षवर्धन ने बताया कि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई सहित कुल 21 हवाईअड्डों पर 28 जनवरी से यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। सिंगापुर, थाईलैंड, हांगकांग एवं चीन से आने वाली सभी उड़ानों के लिए सार्वभौम थर्मल स्क्रीनिंग को अनिवार्य बना दिया गया है।

उन्होंने बताया कि अभी तक कुल 1118 उड़ानों से यात्रा करने वाले 1,97,000 यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि 12 प्रमुख बंदरगाहों एवं सभी छोटे बंदरगाहों पर चीन से आने वाले यात्रियों एवं चालक दल के सदस्यों की स्क्रीनिंग की जा रही है तथा उनमें लक्षण मिलने पर पृथक सुविधाओं में रखा जा रहा है।

हर्षवर्धन ने बताया कि नेपाल में एक मामले की पुष्टि होने के कारण सभी समन्वित चौकियों पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है और इसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार में सभी जांच चौकियों पर जांच की जा रही है तथा सीमा सशस्त्र बल एवं भूमि पत्तन अधिकारियों का सहयोग लिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 31 जनवरी और एक फरवरी को दिल्ली से वुहान के लिए एयर इंडिया की दो विशेष उड़ानें भेजी गई थीं। इन उड़ानों के जरिये कुल 654 यात्रियों को लाया गया जिनमें 647 भारतीय एवं सात मालदीव के नागरिक थे। इनमें दो भारतीय दूतावास के अधिकारी थे जो वुहान में भारतीयो को निकालने के अभियान में समन्वय कर रहे थे।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने बताया कि चीन में भारतीय दूतावास एवं वाणिज्य दूतावास भारतीय समुदाय के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए है ताकि उनके कुशल-क्षेम के बारे में जानकारी ली जा सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चीन में 9 फरवरी की स्थिति के अनुसार कोरोना संक्रमण के 37,198 मामलों की पुष्टि हुई है और 811 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि हांगकांग, मकाऊ और ताईवान समेत 27 देशों में कोरोना वायरस के 354 मामलों की पुष्टि हुई है।
 

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