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VIDEO - लालू से बंद कमरे में मिलने के बाद तेजप्रताप रोते हुए निकले, कहा -फैसला अडिग, लेकिन पिता का आने का करुगां इंतजार

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक लेने के लिए कोर्ट में की अर्जी दायर करने के बाद मची खलबली के बीच तेजप्रताप यादव रिम्स अस्तपाल पहुंचे गए है. वह अपने पिता लालू प्रासद यादव से बंद कमरे में मुलाकात कर उनका हाल जाना. इस दौरान हॉस्पिटल के बाहर कई राजद कार्यकर्ता भी पहुंचे हुए थे. 

पिता लालू से मिलने के बाद आंखों में आंसू लिए रिम्स से तेजप्रताप यादव बाहर निकले. बाहर  निकलकर तेज प्रताप ने रोते हुए कहा कि, ''उनसे कई बातें हुई हैं. लेकिन मैं आपलोगों को ज्यादा नहीं बता सकता. इतना जरूर कहुंगा कि - मैं घुट - घुटकर अपनी जिंदगी नहीं बिताना चाहता हूं पापा ने कहा कि घर आकर तुमसे इस बारे में बात करेंगे.''

तेज प्रताप यादव पिता से मिलने 3 बजे रांची के रिम्स पहुंचे है. गाड़ी से उतरते ही तेज प्रताप सीधे हॉस्पिटल के अंदर घुस गए.  शुक्रवार की रात ही तेज प्रताप पिता से मिलने के लिए निकले थे. लेकिन परिजनों को बुलाने के कारण बीच रास्ते से ही लौट आए थे. परिजनों से मिलने के बाद फिर रवाना हो गए. वह गया के बोधगया में होटल में रुके और शनिवार को सुबह रांच के लिए रवाना हुए. 

इसी बीच तेज प्रताप ने रिपब्लिक टीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में परिवारिक कलह से लेकर राजनीतिक उठा- पटक पर विस्तार से बात रखी.

उन्होंने कहा कि हमारा झगड़ा पूरे परिवार के सामने हुआ, परिवार को हर सदस्य ने झगड़ा होते हुए देखा. मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा है. मेरे पिता लालू यादव, मां राबरी देवी और भाई तेजस्वी यादव ने हमेशा से ही मुझे हाशिए पर रखने की कोशिश की है. एश्वर्य उच्च सोसइटी से है और जबरदस्ती उनका शादी कराई गई है. हम में कोई समानता नहीं है.

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने आगे तलाक की अर्जी डालने की पीछे की वजह का जिक्र करते हुए कहा कि जब हमारे बीच लड़ाई हुई फिर ऐश्वर्या ने मुझे से कहा कि तुम मुझे तलाक क्यों नहीं दे देते. मैं कभी भी शादी नहीं करना चाहता था. मेरे हमेशा से धर्म की तरफ लगाव रहा है. मैंने अपने माता-पिता की इच्छा रखी और मैंने शादी कर ली.. उन्होंने आगे कहा कि मैंने अपने पिता लालू यादव  से कहा कि हममें कोई समानता नहीं है और मुझे किसी ने नहीं सुना. 

तेज प्रताप ने आगे तलाक की अर्जी के फैसले को पूर्ण होश में लिया गया फैसला करार देते हुए मैंने अपने पूरे होश में यह अर्जी दायर की है. तीर धनुष से बाहर निकल चुका है. अब मैं अपने पिता जी की भी नहीं सुनूंगा जिनसे मैं मिलने जा रहा हूं. अगर यदि प्रधानमंत्री भी कुछ कहते हैं तो भी नहीं सुनूंगा. मुझे पता है कि हर कोई मेरे पीछे है.  मैंने तेजस्वी को यह भी बताया है कि ऐश्वर्या के साथ मेरी समनता बिल्कुल नहीं है .

तेज प्रताप ने खुद को पीड़ित बताते हुए कहा तेजस्वी, राबड़ी और लालू यादव के आस-पास के लोगों ने हमेशा मुझे हाशिए में डालने की कोशिश की है. ओम प्रकाश नागमानी जैसे लोगों ने लोगों ने तेजस्वी के सामने मुझे नीचा दिखाने की कोशिश की है. लोगों ने मुझे राजनीतिक लाभ लेने के लिए एक बलि का बकरा बना दिया है.

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