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तबरेज अंसारी मॉब लिंचिंग केस: झारखंड पुलिस ने आरोपियों से हटाई मर्डर की धारा

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

झारखंड के सराईकेला खरसावां जिले में हुए मॉब लिंचिंग केस में नया मोड आ गया है। तबरेज अंसारी की मारपीट के बाद मौत मामले में आरोपियों के खिलाफ अब हत्या का मुकदमा (धारा 302) नहीं चलेगा। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 के तहत 11 आरोपियों पर दर्ज मामले को खारिज कर दिया है। 

जानकारी के अनुसार  बिसरा रिपोर्ट के आधार पर अब डॉक्टरो ने तबरेज अंसारी की मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताया है।  ऐसे में पुलिस ने डॉक्‍टरों की टीम से रिओप‍नियन लिया, जिसमें ह्दयाघात को ही उसकी मौत की वजह बताई गई है।

गौरतलब है कि पुलिस ने पिछले महीने चार्जशीट में धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इससे पहले अंसारी की पत्नी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाया था।


इस मामले को लेकर सरायकेला-खरसावां के एसपी कार्तिक एस ने कहा कि हमने दो कारणों से आईपीसी की धारा 304 के तहत आरोप पत्र दायर किया। पहली वजह यह है कि वह (तबरेज अंसारी) मौके पर नहीं मरा। ग्रामीणों का अंसारी को मारने का कोई इरादा नहीं था। 


बता दें बीती जून माह में झारखंड के सराईकेला में चोरी के आरोपी युवक तबरेज अंसारी की भीड़ ने बुरी तरह पिटाई कर दी थी। बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। मॉब लिंचिंग के इस मामले ने तब देश - दुनिया में खासा तूल पकड़ा था। कहा गया था कि तबरेज अंसारी को घंटो पीटा गया और उसे जबरन ''जय श्रीराम'' के नारे लगवाए गए।

इससे पहले कहा गया था कि बाइक चोरी करने के संदेह में बेरहमी से पीटे गए तबरेज अंसारी की मौत ब्रेन हैमरेज के कारण हुई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों द्वारा जमा कराई गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि अंसारी के सिर की हड्डी टूट गई थी जिससे ब्रेन हैमरेज हुआ और उनकी मौत हो गई।

बता दें कि पुलिस ने पिछले महीने चार्जशीट में धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इससे पहले अंसारी की पत्नी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाया था। 

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