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अयोध्या विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने नई बेंच गठित करने पर सुनवाई 10 जनवरी तक टाली

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

अयोध्या में विवादित जमीन के मामले में नई बेंच गठित करने पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई 10 जनवरी तक टाल दी. मामला चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल की बैंच के सामने सूचीबद्ध है, जो इसे उचित बेंच के पास भेज सकती है. नई बेंच ही इस मामले पर आगे की सुनवाई तय करेगी. इससे पहले इस मामले में पिछले साल अक्टूबर में सुनवाई हुई थी.

अयोध्या मामले के लिए अब नई बेंच सुनवाई करेंगी जिसके बारे में 6 या 7 जनवरी को पता चल सकेगा. 

नई बेंच इलाहाबाद हाईकोर्ट के सितंबर 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुनवाई करेगी. इस मामले में पहले पूर्व चीफ जस्टिस दीपक मिश्ना की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच सुनवाई कर रही थी. 

हिंदु महासभा के वकील ने कहा जस्टिस दीपक मिश्ना के रिटार्यड होने के बाद एक रेगुलर बैंच नहीं थी जो अयोध्या में विवादित जमीन मामले की सुनवाई करें. इसलिए चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने कहा है कि 10 जनवरी को उस विशेष पीठ के सामने लग रहा है. 10 जनवरी को वह इस मामले को कैसे हैंडल करना है ये सारी दलीले और आरगुमेंट उनके पास रखी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट की कोजलेस जब 6 या 7 तारिख तक आ जाएगी तब आपको पता चलेगा उस बेंच में कौन - कौन हैं. और उस बेंच में क्या -क्या मामले लगे हैं. 

इस मामले हिंदु महासभा ने अपना रुख जाहिर करते हुए कहा कि इस मामले की डे -टू - डे सुनवाई होनी चाहिए. हाईकोर्ट ने इस विवाद में दायर चार दीवानी वाद पर अपने फैसले में 2.77 एकड़ भूमि का सुन्नी वक्फ़ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच समान रूप से बंटवारा करने का आदेश दिया था. 

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 29 अक्तूबर को कहा था कि यह मामला जनवरी के प्रथम सप्ताह में उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध होगा, जो इसकी सुनवाई का कार्यक्रम निर्धारित करेगी . बाद में अखिल भारत हिंदू महासभा ने एक अर्जी दायर कर सुनवाई जल्द करने का आग्रह किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि 29 अक्तूबर को ही इस मामले की सुनवाई के बारे में आदेश पारित किया जा चुका है.
 

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