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ट्रांसपोर्टर हड़ताल के कारण मप्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी: प्रद्युम्न सिंह तोमर

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

मध्यप्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल पर मूल्य संवर्धित कर (वैट) में पांच फीसद के इजाफे के खिलाफ ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के चौथे दिन प्रदेश सरकार ने दावा किया कि इस हड़ताल के कारण प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। राज्य शासन द्वारा आपूर्ति बहाल रखी जाएगी।

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इसके लिए सरकार ने राज्य के सभी 52 जिलों के कलेक्टरों को प्रदेश में डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की आपूर्ति तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों पर नियंत्रण रखने के साथ-साथ इनकी आपूर्ति करवाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गये हैं।

मध्य प्रदेश के खाद्य-नागरिक एवं उपभोक्ता सरंक्षण मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बयान मे कहा, ‘‘ट्रक-ट्रान्सपोर्टर्स की हड़ताल के कारण प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। राज्य शासन द्वारा आपूर्ति बहाल रखी जाएगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सभी जिला कलेक्टर्स को डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की आपूर्ति तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गये हैं।’’
तोमर ने ट्रक-ट्रान्सपोर्टर्स यूनियन के पदाधिकारियों से अपील की है कि दीवाली जैसे त्यौहार को दृष्टिगत रखते हुए अपनी हड़ताल जनहित में समाप्त करें। उन्होंने कहा कि इससे आम उपभोक्ता को होने वाली परेशानियों से निजात मिल सकेगी।

वहीं, मध्य प्रदेश खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण की प्रमुख सचिव नीलम शमी राव ने कहा कि आवश्यक वस्‍तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत पेट्रोल/डीजल एवं गैस एजेंसी डीलरों के लिये आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाये रखने की बाध्यता है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी डीलर द्वारा पर्याप्त उपलब्धता नहीं बनाई रखी जाती है, तो उसके विरूद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

नीलम ने कहा कि डीजल/पेट्रोल और एलपीजी डीलरों के लिये शत-प्रतिशत स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित रखना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि ऑयल कम्पनियों द्वारा एलपीजी और पेट्रोल उत्पादों की आपूर्ति निरंतर की जा रही है। जिला कलेक्टर्स को इन कम्पनियों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने के लिये कहा गया है और आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों पर भी निगरानी रखने की सलाह दी गई है।

मालूम हो कि मध्य प्रदेश में भारी वर्षा के कारण हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 21 सितंबर की मध्यरात्रि से पांच प्रतिशत वैट बढ़ाया है ताकि संकट से जूझने के लिए आवश्यक अतिरिक्त धन जुटाया जा सके। इन दोनों पेट्रोलियम पदार्थों पर 5 प्रतिशत वैट बढ़ाने के बाद मध्य प्रदेश में डीजल पर 23 प्रतिशत वैट हो गया है, जबकि पेट्रोल पर 33 प्रतिशत। इसके अलावा, डीजल पर दो रूपये प्रति लीटर अतिरिक्त सेस लगाया जा रहा है, जबकि पेट्रोल पर 3.5 रूपये प्रति लीटर अतिरिक्त सेस लिया जा रहा है।
 

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