General News

JNU में R. भारत की टीम पर हमला: सवाल पूछने पर भड़के छात्र, कवरेज करने से रोका

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

JNU का असली नाम जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी है, लेकिन जेएनयू में जो  हो रहा है उससे अगर इसे "जनविरोधी नारेबाजी यूनिवर्सिटी" कहें तो गलत नहीं होगा। जेएनयू में पिछले कई दिन से फीस बढ़ोतरी के नाम पर प्रदर्शन चल रहा है. लेकिन फीस बढ़ोतरी के नाम पर जमकर सियासत हो रही है। 

लेकिन मंगलवार को तो हद हो गई, जेएनयू में आंदोलन के नाम पर कैसी गुंडागर्दी हो रही है, जिसका जीता जगता सबूत जेएनयू में रिपोर्टिंग करते हुए रिपब्लिक भारत की टीम को रोका जाने वाली घटना के रूप में मिला। दरअसल जेएनयू छात्रसंध की प्रेस कॉन्फ्रेंस की कवरेज कर रही रिपब्लिक भारत की टीम के साथ इन छात्रों ने धक्का मुक्की भी की। इन छात्रों की हरकत को देखकर लग रहा था कि ये छात्र किसी यूनिवर्सिटी के नहीं बल्कि किसी राजनीतिक पार्टी के हैं। इतना ही नहीं इन छात्रों की हरकत से साफ है कि इन छात्रों में "टुकड़े गैंग" से भी ज्यादा जहर राष्ट्र और राष्ट्र के नाम चलने वाले चैनलों के खिलाफ है।

जेएनयू के इन “असमाजिक तत्वों” ने रिपब्लिक भारत को पहले रिपोर्टिंग करने से रोका और फिर तीन बार माइक को बंद कर दिया गया।

इन तस्वीरों को देखने के बाद आप समझ सकते हैं कि जेएनयू में किस तरह की राजनीति हो रही है। जेएनयू में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देश और सरकार विरोधी हरकतें होती रहे लेकिन अधिकारों का हवाला देकर अधिकारों का हनन क्यों किया जा रहे।

जेएनयू छात्रों के प्रदर्शन मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की

वहीं दिल्ली पुलिस ने छात्रावास शुल्क वृद्धि को लेकर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में मंगलवार को एक प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि कानून की संबंधित धाराओं के तहत किशनगढ़ पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है लेकिन उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी। जेएनयू के छात्रों ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया था जिससे शहर के कई हिस्सों में जाम लग गया था। छात्रों ने हाल में की गई शुल्क वृद्धि के खिलाफ विरोध मार्च निकाला था।

छात्रावास शुल्क में बढ़ोतरी के खिलाफ विश्वविद्यालय परिसर में पिछले तीन सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे छात्र संसद का ध्यान आकृष्ट करने के लिए सोमवार को सड़कों पर उतरे थे।

DO NOT MISS