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गडकरी की राजमार्गों पर 15 लाख करोड़ रुपये खर्च करने, खादी-एमएसएमई उत्पादों के वैश्वीकरण की योजना

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

केंद्रीय मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने दूसरे कार्यकाल को शुरू करते ही राजमार्गों के निर्माण में 15 लाख करोड़ रुपये निवेश करने से लेकर खादी एवं एमएसएमई उत्पादों का वैश्वीकरण कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को गति देने की योजना तैयार की है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद पीटीआई-भाषा को दिये पहले साक्षात्कार में गडकरी ने कहा कि आगे का मिशन जीडीपी वृद्धि को तेज करना है, चाहे यह राजमार्गों पर ध्यान देकर हो या एमएसएमई क्षेत्र के जरिये हो।

गडकरी ने कहा, ‘‘राजमार्गों के लिये ब्लूप्रिंट पहले ही तैयार है। हमारी योजना राजमार्गों के क्षेत्र में कम से कम 15 लाख करोड़ रुपये का काम करने की है जिनमें 22 हरित एक्सप्रेसवे का निर्माण, सभी रुकी परियोजनाओं की अगले 100 दिनों में शुरुआत तथा पावरग्रिड की तर्ज पर सड़कों का ग्रिड तैयार करना शामिल है।’’ 

उन्होंने कहा कि उनके पिछले कार्यालय में उनके विभिन्न मंत्रालयों ने 17 लाख करोड़ रुपये खर्च किये। इनमें 11 लाख करोड़ रुपये का खर्च अकेले राजमार्ग क्षेत्र में किया गया।

गडकरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लोकसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के बारे में कहा कि इससे लोगों के पार्टी केंद्रित राजनीति, जातिवाद और संप्रदायवाद से ऊपर उठने का पता चलता है। इससे यह भरोसा मजबूत होता है कि लोगों को विकास चाहिये।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी से लोगों में यह संदेश गया कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार एवं कालाधन के खिलाफ है। कल्याण की योजनाओं, आवास, गैस, बिजली और स्वास्थ्य बीमा इन सभी मुहिमों से गरीबों को लाभ हुआ है।

उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता सभी अटकी राजमार्ग परियोजनाओं को 100 दिनों के भीतर शुरू करना है। इनमें कई परियोजनाएं आईएलएंडएफएस की हैं।

गडकरी ने कहा, ‘‘मैंने कल ही परियोजनाओं की समीक्षा की और पाया कि वित्तीय कारणों से करीब 225 परियोजनाएं अटकी हैं। इन रुकावटों को अब दूर कर लिया गया है और सिर्फ 20-25 परियोजनाएं ही बच रही हैं। यह प्राथमिकता का क्षेत्र है और 100 दिनों के भीतर अटकी परियोजनाओं की संख्या शून्य हो जाएगी।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘सीमावर्ती क्षेत्रों में 17 ऐसी राजमार्ग परियोजनाएं हैं जो हवाई पट्टी का भी काम करेंगी। इनमें से 13 परियोजनाएं तैयार होने के करीब हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे अगले दो महीनों में तैयार हो जाएगा तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पूरी तेजी से काम चल रहा है।’’ 

गडकरी ने कहा कि आगे का लक्ष्य दुर्घटनाओं को कम करना है। करीब 704 ब्लैक स्पॉट के अलावा करीब आठ हजार ऐसे नये ब्लैक स्पॉट की पहचान की गयी है और जल्दी ही इन्हें ठीक कर दिया जाएगा।

अपने नये एमएसएमई मंत्रालय के बारे में उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य संयुक्त उपक्रमों के जरिये एमएसएमई एवं खादी उत्पादों का वैश्वीकरण करना है। उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर शहद का उत्पादन कराने के अलावा उनका ध्यान वैश्विक स्तर पर काफी मांग वाले सहजन (मोरिंगा) जैसे उत्पादों को बढ़ावा देने पर है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। इन सब के साथ ही खादी पर भी जोर दिया जाएगा।

गडकरी ने कहा कि इनसे रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे तथा जीडीपी को तेजी मिलेगी। उन्होंने कहा कि इनका असर अगले दो से तीन साल में दिखने लगेगा।


 

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