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मासूमों की मौत पर सवाल पूछने पर भागे केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, बोले -'सॉरी'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

बिहार में चमकी बुखार की जद में आने से तकरीबन हर रोज बच्चों की मौत हो रही है। मुजफ्फरपुर में अक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम  की वजह से मरने वाले बच्चों की संख्या 128 के आंकड़े को छू चुकी है। एक तरफ मृतक बच्चों के परिवार में विलाप, असहनीय पीड़ा नजर आ रही है तो दूसरी ओर कुछ नेता आश्वासन थमा रहे हैं। इन सब के बीच हैरत वाली बात तो यह है कि केंद्रीय स्वास्थ मंत्री अश्विनी चौबे ने भी चुप्पी साथ रखी है। बच्चों की मौत पर रिपब्लिक भारत के संवाददाता ने जब केंद्रीय स्वास्थ राज्य मंत्री अश्विनी चौबे से सवाल किया तो वहां भागते नजर आए।  

इससे पहले शुक्रवार को मासूमों की मौत पर सवाल पूछने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क गए । बोखालए नीतीश कुमार ने नसीहत देते हुए कहा मीडिया अपनी मर्यादा में रहे। 

बता दें बिहार में इंसेफलाइटिस के कहर से अब तक 172 मासूमों की मौत हो चुकी है। अकेले मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत का आंकड़ा 120 से आगे बढ़ गया है और इस दर्दनाक तस्वीर की सबसे बड़ी वजह है सियासत का शर्मनाक चेहरा। 

सूबे के मुखिया नीतीश कुमार लगातार आर. भारत के सवालों से भाग रहे हैं। लेकिन सवाल ये है कि सुशासन बाबू सच और जिम्मेदारी से कब तक भागमभाग करेंगे। जब नीतीश R. भारत के सवालों से भाग गए, तो हमारी टीम ने बिहार की सत्तासीन पार्टी के दूसरे नेताओं से संपर्क किया। 

केजरीवाल अस्पताल में हालात का मुआयना करने आए...जिले के मायनिरिटी सेल के अध्यक्ष इरफान दिलकश से R. भारत के संवाददाता गौरव श्रीवास्तव ने कई तीखे सवाल पूछे। लेकिन इस दौरान भी जेडीयू नेता सरकार के बखान में मशगुल रहे और इस बात को मानने से साफ इंकार कर दिया कि SKMC अस्पताल में हालात बद से बदतर हैं।

जब नेता जी ने SKMC अस्पताल में गंदगी के ढेर की बातों से इंकार करने लगे, तो संवाददाता गौरव ने उन्हें SKMC अस्पताल चलने के लिए कहा, जिस पर जेडीयू नेता इरफान दिलकश फौरन तैयार हो गए और R. भारत की टीम के साथ रवाना हो गए।

लेकिन अस्पताल में घुसते ही इरफान दिलकश की आंखें खुली की खुली रह गई। .अस्पताल में कई जगह बकरियां बंधी हुई थीं और नालियां गंदगी की वजह से पूरी जाम थीं। जेडीयू नेता के पास संवाददाता गौरव के सवालों का कोई जवाब नहीं था। लेकिन उनको SKMC अस्पताल में पहले से मौजूद आर भारत संवाददाता विकास शर्मा के सवालों का सामना भी करना था। ग्राउंड जीरो से पल-पल का अपडेट आप तक पहुंचा रहे विकास ने नेता जी को अस्पताल की असली समस्याओं से दो-चार करवाया।

असली हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आईसीयू में घुसकर तक वाले चैनल की तरह डॉक्टरों को डराना-धमकाना जानलेवा बुखार का ईलाज नहीं है। इससे सिर्फ मरीजों के ईलाज में दिक्कत ही पेश आएगी। अगर इसका कुछ ईलाज है अस्पताल में फैली अव्यवस्था को ढर्रे पर लाया जाए। वहीं जब R. भारत ने नीतीश सरकार के दावों की कलई खोल कर रख दी तो नेताजी ने दो दिन के अंदर पूरे अस्पताल में सफाई का वादा तो कर दिया। लेकिन देखना होगा कि ये वादा कब और कितना पूरा होता है?

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