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नीतीश कुमार की प्रशांत किशोर और प्रशांत वर्मा को दो टूक - 'जिसे जहां लगे वहां जाएं, मेरी शुभकामनाएं साथ'

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

नागरिकता संसोधन कानून का विरोध कर रहे जदयू नेता प्रंशांत किशोर और पवन वर्मा को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो टूक जवाब दे दिया है। नीतीश कुमार ने कहा कि जिसे जहां जाना है चला जाए, मेरी शुभकामनाएं साथ हैं। उन्होंने कहा ये लोग विद्वान हैं, मैं इनकी इज्जत करता हूं, भले ही वे न करें।

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि कुछ लोगों के बयान से जदयू को नहीं देखना चाहिए। जदयू बहुत ही दृढ़ता से अपना काम करती है। हम लोगों का स्टैंड साफ होता है। एक भी चीज पर हम लोग कन्फ्यूजन में नहीं रहते। अगर किसी के मन में कुछ है तो आकर बातचीत करनी चाहिए। पार्टी की बैठक में चर्चा करनी चाहिए। 

बता दें जद(यू) महासचिव पवन वर्मा ने गुरुवार को कहा कि वह अपनी आगे की रणनीति का फैसला अपने खत पर पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार का जवाब आने के बाद करेंगे और कहा कि उन्हें “देश और पार्टी के लिये जो सही लगेगा वह” बोलना जारी रखेंगे।

वर्मा की टिप्पणी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने मोदी सरकार के नागरिकता से जुड़े फैसलों को लेकर पार्टी के पर चिंता जाहिर करने के लिये जद यू महासचिव को आड़े हाथों लिया था और कहा था कि वह जहां जाना चाहें वहां जाने के लिए स्वतंत्र हैं।

राज्यसभा के पूर्व सदस्य ने कहा, “मुझे कोई जवाब नहीं मिला है। पार्टी अध्यक्ष का जवाब आने या नहीं आने पर मैं अपनी आगे की रणनीति पर फैसला करूंगा। मुझे जो सही लगता है, जो देश और पार्टी के लिये अच्छा है वह बोलना मैं जारी रखूंगा।”

संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी की कवायद को लेकर पूर्व राजनयिक ने जद (यू) से अलग रुख अपनाया और अक्सर वह यह दावा करते हैं कि ये कदम तथा भाजपा के एजेंडे में शामिल राष्ट्रीय नागरिक पंजी देश को बांटने वाले हैं।

हाल में सोशल मीडिया पर पोस्ट किये गए एक पत्र में वर्मा ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में पार्टी के भाजपा के साथ गठजोड़ करने के बाद इस मुद्दे पर कुमार से वैचारिक स्पष्टता की मांग की थी।

कुमार ने पूर्व में संवाददाताओं से कहा था, “वह एक विद्वान व्यक्ति हैं और मेरे मन में उनके प्रति काफी सम्मान है, भले ही उनके दिल में मेरे लिये ऐसे विचार न हों। लेकिन क्या ये बातें पार्टी के अंदर न रखकर सार्वजनिक रूप से रखना सही है।”

वर्मा ने कहा कि उन्होंने यह जानना चाहा था। उनके मन में कुमार के लिये काफी सम्मान है।

उन्होंने कहा कि कुमार ने उनके लिये जो कुछ भी किया उसके लिये वे बेहद शुक्रगुजार हैं।
 

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