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पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद केन्द्र सरकार ने नहीं उठाया कोई कारगर कदम: कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद केन्द्र सरकार ने कोई कारगर कदम नहीं उठाया। बता दें गत 14 फरवरी को हुए इस आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे।

दिग्विजय ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं आज तक समझ नहीं पाया हूं कि उनका (मोदी का 56 इंच का सीना) सीना नापा किसने है। जिस गंभीरता से प्रधानमंत्री जी को यह घटना लेनी चाहिये थी, उस गंभीरता से उन्होंने इसे नहीं लिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जिस दिन यह घटना हुई, लगभग साढे तीन बजे जानकारी मिल गई थी। वह कॉर्बेट नेशनल पार्क में थे। इनकी फिल्म की शूटिंग हो रही थी। इमरजेंसी थी। इमरजेंसी होने के नाते तत्काल सारे काम छोड़कर उनको (मोदी) दिल्ली आना था।’’ उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना पर राष्ट्रीय शोक घोषित करना था। आपात स्थिति में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की तत्काल बैठक बुलाई जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

दिग्विजय ने कहा कि सीआरपीएफ का इतना बड़ा काफिला जा रहा था और जैश-ए-मोहम्मद ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि आत्मघाती हमला होगा। उसके बाद भी उन्होंने (केन्द्र सरकार) कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि जहां हर 10-15 किलोमीटर पर जांच होती है, तो ऐसे में साढ़े तीन क्विंटल विस्फोटक पदार्थ क्यों नहीं पकड़ में आया। ये सारी चीजें ऐसी हैं जिस पर आज तक सरकार उत्तर नहीं दे पाई है।

उन्होंने कहा कि सबसे बड़े दुर्भाग्य की बात यह है कि अगर कोई व्यक्ति आज के माहौल में यह कह देता है कि पाकिस्तान से बातचीत जारी रखनी चाहिए तो पूरे देश में हलचल मच जाती है और उसे राष्ट्र विरोधी घोषित कर दिया जाता है।

दिग्विजय ने कहा कि सऊदी अरब के युवराज (मोहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद) आए और उनके साथ किये गये समझौते में इस बात का उल्लेख किया गया कि पाकिस्तान से चर्चा करनी चाहिए। पुलवामा का कोई जिक्र तक नहीं किया गया। प्रधानमंत्री किस दबाव में थे।

उन्होंने कहा कि इसके विपरीत फ्रांस, आस्ट्रेलिया सहित अनेक देश पाकिस्तान के इस कृत्य को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ प्रस्ताव पारित कर रहे हैं लेकिन भारत पर सऊदी अरब का ऐसा क्या दबाव था जो उन्होंने इस पर बातचीत जारी रखने के समझौते पर दस्तखत किए। ये सारी बातें अब सामने आ रही हैं।

एक सवाल के जवाब में दिग्विजय ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी इस पर कभी राजनीति नहीं करती। आतंकवाद से जितना नुकसान कांग्रेस को हुआ, इतना किसी को नहीं हुआ। इंदिरा गांधी जी आतंकवाद की शिकार हुई। राजीव गांधी जी आतंकवाद के शिकार हुए। 

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी कभी आतंकवाद से समझौता नहीं करती। इस मसूद अजहर को स्वयं जसवंत सिंह और अजीत डोभाल अफगानिस्तान छोड़ने गए थे और इसी मसूद अजहर ने इस घटना को अंजाम दे दिया।’’


 

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