General News

अरुण जेटली की अस्थियां गंगा में प्रवाहित, भावुक दिखे उनके बेटे रोहन

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली की अस्थियां सोमवार को यहां हरिद्वार में गंगा में प्रवाहित कर दी गयीं । अरुण जेटली के बेटे रोहन ने पूरे विधि-विधान से उनकी अस्थियां गंगा नदी में विसर्जित कीं।  इस मौके पर जेटली के ढेरों चाहने वाले , पार्टी के नेता करीबी और रिश्तेदार मौजदू रहे। 

66 वर्षीय जेटली का शनिवार को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज के दौरान निधन हो गया था। उन्हें नौ अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था। वरिष्ठ नेताओं ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और अंतिम संस्कार से पहले उन्हें बंदूकों से सलामी दी गई।

जेटली के पुत्र रोहन ने गंगा तट पर विधिवत पूर्जा अर्चना कर उनकी अस्थियां मोक्षदायिनी गंगा नदी में प्रवाहित कीं ।

इस मौके पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, योग गुरू रामदेव, राज्य विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट के अलावा प्रदेश भाजपा के कई नेता मौजूद रहे ।

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का रविवार को रिश्तेदारों, विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं, सैकड़ों प्रशंसकों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ यहां निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। 

भाजपा के कद्दावर नेता को अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों शोकाकुल लोग यमुना नदी के किनारे बने निगमबोध घाट पर एकत्रित हुए। वरिष्ठ नेताओं ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और अंतिम संस्कार से पहले उन्हें बंदूकों से सलामी दी गई।

भाजपा में जेटली के साथ करीबी रूप से काम करने वाले नायडू इस मौके पर काफी भावुक नजर आए। वह पार्थिव शरीर के समीप कई देर तक हाथ जोड़े खड़े रहे। 

दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, बिहार और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों क्रमश: अरविंद केजरीवाल, देवेंद्र फड़णवीस, विजय रुपाणी, बी एस येदियुरप्पा, नीतीश कुमार और त्रिवेंद्र सिंह रावत भी अंतिम संस्कार में मौजूद रहे।

विदेश की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेटली को भावुक श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह कल्पना नहीं कर सकते कि वह भारत से दूर बहरीन में है जब उनका ‘‘प्रिय दोस्त’’ और पार्टी सहयोगी नयी दिल्ली में उन्हें छोड़कर चला गया।

( इनपुट-भाषा से )

 

DO NOT MISS