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रामजन्मभूमि परिसर में मिले मंदिर के अवशेष, शिवलिंग और खंडित मूर्तियां: संत समाज में ख़ुशी की लहर, कहा- 'भगवान ने खुद प्रमाण दे दिया'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

रामजन्मभूमि परिसर में भव्य राममंदिर निर्माण के लिए 11 मई से समतलीकरण का काम चल रहा है। ये काम श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की देखरेख में किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को खुदाई के दौरान मंदिर स्थल से कई अवशेष मिले हैं।

इसमें पांच फुट की शिवलिंग, खंडित मूर्तियां, पुष्प, कलश, विभिन्न कलाकृतियां, मेहराब के पत्थर, 7 ब्लैक टच स्टोन के स्तंभ, 8 रेड सैंड स्टोन के स्तंभ, आमलक और विभिन्न प्रकार के पत्थर शामिल हैं। ट्रस्ट इन पुरातात्विक वस्तुओं को संरक्षित करने की भी योजना बना रही है। 

इसकी जानकारी देते हुए, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि 10 दिनों से साइट पर जमीन समतल की जा रही थी और उसी दौरान मलबे से ये अवशेष मिले हैं। उन्होंने आगे बताया कि कोरोना महामारी से सम्बंधित निर्देशों का पालन करते हुए मशीनों का उपयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन, मास्क समेत अन्य सभी सुरक्षा उपायों का प्रयोग किया जा रहा है।

स्वामी चक्रपाणि महाराज ने रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए बताया कि अवशेषों का मिलना उन लोगों के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है जो राम मंदिर के फैसले पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि अब खुद आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया ने राम मंदिर के होने का प्रमाण दे दिया है।
 
अखिल भारतीय संत समिति के स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि राम मंदिर के साथ साथ एक संग्रहालय भी बनना चाहिए जिसमें ये सारे अवशेष रखे जाये और साथ ही उसमें संतो और वकीलों के संघर्ष का इतिहास भी होना चाहिए ताकि जब भविष्य में लोग राम लला के दर्शन करने आये तो उन्हें पता चले कि इस मंदिर के निर्माण के पीछे कितने सालों की मेहनत लगी है।

राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास ने कहा कि संत कभी झूठ नहीं बोलते और इसका सबूत आज खुदाई के दौरान मिल गया है। 

गौरतलब है कि 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर बनाम बाबरी मस्जिद ज़मीन विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला दिया था।

साक्षी बंसल की रिपोर्ट