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केरल में बाढ़ पीड़ितों को अपनी जान पर खेलकर बचाने वाले नेवी के जवानों की कहानी, उन्हीं की जुबानी

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

देशभर में आज 70 वें गणतंत्र दिवस की धूम है. 26 जनवरी एक ऐसा दिन है जो देश का राष्ट्रीय पर्व है. इस मौके पर रिपब्लिक भारत आपको देश के रियल हीरो भारतीय नौसेना के अफसरों से रुबरु करवा रहा है. जिन्होंने केरल में बाढ़ के दौरान बहादुरी और निस्वार्थ सेवा से रेस्क्यू ऑपरेशन में कर हजारों लोगों की जान बचाई. वहीं आज राजपथ पर नौसेना की झांकी में केरल की बाढ़ में नौसेना ऑपरेशन का चित्रण किया गया है . 

बता दें केरल बाढ़ प्रभावित इलाकों में नौसेना के जवानों ने नौ अगस्त 2018 को शुरू किए गए 'ऑपरेशन मदद' के दौरान कुल 16,005 लोगों को बचाया . केरल में आई विनाशकारी बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के काम में नौसेना के अलावा सेना, वायुसेना और तट रक्षक भी जुटे रहे. 


रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए कैप्टन सुदीप मलिक ने कहा, बाढ़ पीडितों के रेस्क्यू के दौरान हम एक दूसरे से कॉडिनेट कर रहे थे. हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी दी गई थी. हमें पता नहीं था कौन सा इलाका बाढ़ से ज्यादा प्रभावित है. लेकिन जिस एरिया से ज्यादा फोन कॉल और वॉटस्एम मैसेज आते थे. इसे प्राथमिकता रखते हुए हम अपना रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते थे.साथ ही बाढ़ पीड़ितों को सूचना दे दी गई कि वॉटस्एप मैसेज के साथ अपना लोकेशन भी शेयर करें. रेस्क्यू के दौरान बच्चे , बुजुर्ग और महिलाओं को बचाना हमारी पहली प्राथमिकता थी.

कमांडर जय शंकर ने कहा हमने टेक्नोलॉजी का सहारा लेते हुए रेस्क्यू किए गए लोगों का डाटा गूगल पर्सन फ़ाइंडर में अपलोड करते थे. जिसके बाद उनके परिजन उन्हें ढूंढ पाते थे. 

वहीं लेफ्टिनेंट कमांडर जय प्रकाश ने कॉमिनिटी किचन का प्रबंध किया था. जिसमें 10 दिनों लगभग 10 हजार से ज्यादा बाढ़ पीड़ितों को खाना खिलाया गया. 

कमांडर विजय वर्मा जिन्होंने केरल बाढ़ के दौरान अपनी जान पर खेलकर काफी लोगों को बचाया था.

कमांडर वर्मा (42) ने केरल के कोच्चि जिले में एक गर्भवती महिला को सकुशल एयरलिफ्ट किया था. इसके कुछ घंटे बाद ही महिला ने बच्चे को जन्म भी दिया था. इस गर्भवती महिला को व्हीलचेयर पर बांधकर एयरलिफ्ट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था . राजकुमार ने बाढ़ग्रस्त इलाकों से कुल 32 लोगों को निकाला था.  उन्होंने भारतीय नौसेना के हेलिकॉप्टरों के साथ दक्षिण भारतीय प्रदेश में छतों पर और अलग-अलग इलाकों में फंसे लोगों को बचाया था. जब उनसे सवाल किया गया कि आप चॉपर बहुत नीचे उडा रहे थे. तो उन्होंने कहा यह ट्रेनिंग का हिस्सा था.

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