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MeToo कैंपेन पर बोले सैफ अली खान - महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने वाले लोगों को इसकी कीमत चुकानी होगी

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:


बालीवुड अभिनेता सैफ अली खान ने कहा है कि वह मी टू अभियान के तहत यौन उत्पीड़न की अपनी कहानियों को साझा करने वाली महिलाओं के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़े है क्योंकि वह उनकी उस पीड़ा को बखूबी समझते है, जिससे वे गुजरी हैं.

सैफ ने कहा कि उन्होंने कई साल पहले उत्पीड़न का सामना किया था लेकिन वह यौन प्रकृति का नहीं था. 

सैफ ने कहा, ‘‘मेरे करियर में मेरा भी उत्पीड़न हुआ है, यह यौन प्रकृति का नहीं था, लेकिन 25 वर्ष पहले मुझे सताया गया था और मैं अब भी उसे लेकर गुस्से में हूं.’’ 

उन्होंने कहा,‘‘ज्यादातर लोग अन्य लोगों को नहीं समझते है। अन्य लोगों के दर्द को समझना बहुत मुश्किल है. मैं इसके बारे में बात नहीं करना चाहता हूं क्योंकि मैं आज महत्वपूर्ण नहीं हूं.  यहां तक कि जब मैं सोचता हूं कि मेरे साथ क्या हुआ, तब मुझे गुस्सा आ जाता है. आज, हमें महिलाओं का ध्यान रखना है.’’ 

सैफ ने कहा कि अपराधियों को दंडित किया जाना चाहिए, चाहे क्यों नहीं वे पुराने मामले में दोषी पाए जाएं.

‘‘हमशक्ल’’ फिल्म की उनकी सह-कलाकार बिपाशा बसु और ईशा गुप्ता ने 2014 में आई इस फिल्म के सेट पर निर्देशक साजिद खान के ‘‘असभ्य’’ व्यवहार के बारे में हाल ही में खुलासा किया था. 

बिपाशा ने कहा था कि वह महिलाओं के प्रति साजिद के व्यवहार से नाराज थी जबकि ईशा ने खुलासा किया था कि उनसे उनकी बहस हुई थी. 

गौरतलब है कि तीन अभिनेत्रियों और एक पत्रकार ने साजिद पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये हैं .


बता दें  भारतीय फिल्म उद्योग से महिला फिल्मकारों ने यौन उत्पीड़न की अपनी कहानियों को साझा करने वाले लोगों का समर्थन करने और दोषी साबित होने वाले किसी के साथ भी काम नहीं करने का फैसला किया है.

कोंकणा सेना शर्मा, नंदिता दास, मेघना गुलजार, गौरी शिंदे, किरण राव, रीमा कागती और जोया अख्तर जैसी कई निर्देशक उन 11 महिला फिल्म निर्माताओं में शामिल हैं जिन्होंने भारत के मी टू अभियान को अपना समर्थन देने की प्रतिबद्धता जाहिर की है.

निर्देशकों द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है,‘‘महिला और फिल्म निर्माताओं के रूप में, हमने #मी टू इंडिया अभियान को अपना समर्थन देने का फैसला किया है. हम उन महिलाओं के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़े हैं जो यौन उत्पीड़न के मामलों को लेकर पूरी ईमानदारी के साथ आगे आई हैं.’’ 

बयान में कहा गया है,‘‘ हम कार्यस्थल में सभी के लिए एक सुरक्षित और समान वातावरण बनाने में मदद के लिए जागरूकता फैलाने के लिए यहां हैं। हमने दोष साबित होने वाले लोगों के साथ काम न करने का भी रूख अपनाया है. हम उद्योग में अपने सभी सहकर्मियों से भी ऐसा करने के लिए आग्रह करते हैं.’’ 

महिला फिल्म निर्माताओं की इस सूची में अलंकृता श्रीवास्तव, नित्या मेहरा, रूचि नारायण और सोनाली बोस शामिल हैं.

(इनपुट - भाषा से )

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