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रेवाड़ी गैंगरेप केस पर मीडिया के तीखे सवालों से बचते दिखे CM मनोहर लाल खट्टर, देखें Video...

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

हरियाणा की रेवाड़ी में 19 साल की छात्रा के साथ हुए गैंगरेप के बाद अब भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. ऐसे में राज्य सरकार और पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.  जब हरियाण के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से इस भयावाह गैंगरेप पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इस मुद्दे के बजाए PM मोदी के 'स्वच्छता ही सेवा आंदोलन' के बारे में बात की.

इसी बीच घटना के तीन दिन बाद राज्य पुलिस ने इस मामले में जांच के लिए एक विशेष दल की नियुक्ति की है.   

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को राज्य के रेवाड़ी में एक किशोरी के भयानक गैंगरेप के बारे में सभी प्रश्नों को हटा दिया, जो बदले में स्वैच्छता हाय सेवा अभियान के बारे में बात करना पसंद करते थे।

इस जांच दल का हिस्सा एसआईटी का नेतृत्व नाजनीन भसीन, एसपी मेवाट करेंगे और इसमें निम्नलिखित अधिकारी भी शमिल होंगे....

डीएसपी, कोसी
डीएसपी, महेंद्रगढ़
महिला पुलिस स्टेशन एसएचओ, रेवारी
नूह पुलिस स्टेशन, एसएचओ
जिला निरीक्षक, नूह
आईटी सेल इंचार्ज, रेवाड़ी
एसआई उषा रानी

एसआईटी प्रमुख नाजनीन भसीन ने सरकारी अस्पताल में पीड़ित से मुलाकात की, जहां उन्हें भर्ती कराया गया और अपडेट किया गया कि उनकी हालत स्थिर है और वो लगातार अस्पताल की निगरानी में है. 

रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए एसपी भसीन ने कहा, "फिलहाल, मुख्य आरोपी को पकड़ना हमारी प्राथमिकता है और क्या हुआ और क्या देरी हुई, हम उस पर अपडेट करेंगे. हम एसआईटी के विवरण भी जारी करेंगे."

उन्होंने आगे जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर इस मामले में किसी को कोई सबूत मिलता है तो वो पुलिस के साथ साझा करें. 
एसआईटी का गठन ऐसे समय में किया गया है जब बलात्कार की एफआईआर करने में देरी करने वाली खबर आई थी.

रिपब्लिक टीवी ने रेवाड़ी सरकारी अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक सुदर्शन पवार से भी बात की, जिसमें उन्होंने कहा कि हमारे पास यह मामला 12 तरीख की रात  को आया था, बलात्कार के बारे में शिकायक की, तो हमने सोचा कि यह बड़ा मामला नहीं है.  
उसके आगे उन्होंने कहा कि सारे जांच के बाद हमने पीड़िता को छुट्टी दे दी. डॉक्टर ने खुलासा किया कि वह अगले दिन पेट के दर्द की शिकायतों के साथ वापस अस्पताल आई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया था. 

कोचिंग जाते वक्त हुई घटना

 पीड़ित जब सुबह में महेंद्रगढ़ में अपने कोचिंग सेंटर जा रही थी, उसी समय दो लोग स्टैंड से उससे मिलने आए, जिसके बाद उन्होंने पीड़िता को पीने के पानी दिया फिर लड़की ने अपने होश खो दिए.  इस एफआईआर में पंकज, मनीष और निशु को बतौर आरोपी के रूप में नामित किया गया है. 

पीड़िता ने आरोप लगाया कि पंकज और मनीष ने उसे ड्रग किया और बाद में उसे एक कार में एक कुएं के पास ले जाया गया, जहां उसने निशू को होश में आने के बाद पहचाना.  हालांकि एफआईआर के मुताबिक पीड़ित को फिर से ड्रग देने के बाद उसका बलात्कार किया गया. 

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