Shaktikanta Das pti , PTI
Shaktikanta Das pti , PTI

General News

रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिये कर्ज देने की सीमा बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये की

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिये कर्ज देने की सीमा को पहले के एक लाख रुपये से बढ़ाकर शुक्रवार को 1.25 लाख रुपये कर दिया। यह कदम ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में कर्ज की उपलब्धता बेहतर बनाने के लिये उठाया गया है।

रिजर्व बैंक ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) या सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) से कर्ज लेने वाले कर्जदारों के लिये घरेलू आय की पात्र सीमा को ग्रामीण क्षेत्रों के लिये पहले के एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.60 लाख रुपये और शहरी एवं कस्बाई क्षेत्रों के लिये 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया।

रिजर्व बैंक ने कहा कि इस बारे में जल्दी ही विस्तृत दिशानिर्देश जारी किये जाएंगे।

सूक्षम वित्त इकाइयों के मंच एमएफआईएन के अध्यक्ष मनोज नाम्बियार ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए एक बयान में कहा कि ‘‘ यह अच्छा फैसला है परिवारों की आय में 2015 से हुए बदलाव को परिलक्षित करता है और इससे सूक्ष्म वित्त संस्थाओं के ग्राहक पहले से ज्यादा कर्ज ले सकेंगे।’’ उन्होंने कहा कि सूक्ष्म रिण संस्थाएं पांच करोड़ से अधिक लोगों की मदद कर वित्तीय समावेश को बढ़ाने में योगदान कर रही हैं।

उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने 2010 में आंध्र प्रदेश के सूक्ष्म वित्त संकट के मद्देनजर वाई.एच.मालेगम की अध्यक्षता में एक उप-समिति का गठन किया था। उप-समिति को सूक्ष्म वित्त क्षेत्र के मुद्दों तथा चुनौतियों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गयी थी।

उप-समिति के सुझावों के आधार पर ही एनबीएफसी-एमएफआई की अलग श्रेणी गठित की गयी थी तथा दिसंबर 2011 में विस्तृत नियामकीय रूपरेखा जारी की गयी थी।

रिजर्व बैंक ने कहा कि वह भारतीय रुपये में विदेशी लेन-देन विशेषकर बाह्य वाणिज्यिक कर्ज, व्यापार ऋण तथा निर्यात एवं आयात को प्रोत्साहित करने के कदम उठा रहा है।

विदेशों में रुपये के बाजार के संबंध में रिजर्व बैंक ने उषा थोरट समिति की रिपोर्ट के सुझावों का अध्ययन किया और उनमें से कुछ सुझावों को स्वीकार कर लिया। इनमें घरेलू बैंकों को किसी भी समय अनिवासी भारतीयों को भारतीय खाते से बाहर घरेलू बिक्री टीम या विदेशी शाखाओं के जरिये विदेशी विनिमय की पेशकश करना शामिल है।

रिजर्व बैंक ने कहा कि समिति के अन्य सुझावों पर विचार किया जा रहा है और आने वाले समय में लिये जाने वाले निर्णयों की घोषणा की जाएगी।
 

DO NOT MISS