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रिपब्लिक भारत के स्टिंग ऑपरेशन का बड़ा असर, मुंबई में ED ने DHFL के 8 ठिकानों पर मारा छापा

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

रिपब्लिक भारत के सबसे धमाकेदार खुलासे पर बड़ा असर हुआ है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने DHFL कंपनी के 8 ठिकानों पर छापेमारी की है। मुंबई में दाऊद गैंग के गोरखधंधे का पर्दाफाश रिपब्लिक भारत ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में किया है। जिसमें दाऊद के गुर्गे दुनिया के सामने पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं।  प्रवर्तन निदेशालय ने इकबाल मिर्ची से जुड़े धनशोधन मामले में डीएचएफएल और अन्य संबंधित कंपनियों के लगभग एक दर्जन परिसरों पर शनिवार को छापेमारी की। इकबाल मिर्ची वैश्विक आतंकवादी दाऊद इब्राहीम का सहयोगी था।

अधिकारियों ने बताया कि धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में छापे मारे गए। उन्होंने बताया कि करीब एक दर्जन परिसरों में तलाश की गई।

दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्प लिमिटेड (डीएचएफएल) का सबलिंक रियल एस्टेट से कथित तौर पर कारोबारी संबंध है। सबलिंक रियल एस्टेट मिर्ची के साथ वित्तीय लेन-देन को लेकर की जा रही जांच के केंद्र में है। डीएचएफएल ने रियल एस्टेट कंपनी को 2,186 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। ईडी को संदेह है कि ये धन सबलिंक ने मिर्ची और उसके सहयोगियों के खाते में कथित तौर पर पहुंचाया।

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अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी इस नये अभियान के तहत दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों के रूप में साक्ष्य तलाश रही है। डीएचएफएल ने इससे पहले कहा था कि कथित संदिग्ध लेन-देन से उसका कोई संबंध नहीं है।

ईडी द्वारा मिर्ची के दो कथित सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद धनशोधन का यह मामला सुर्खियों में आ गया था। यह मामला मिर्ची और अन्य के कई करोड़ के रियल एस्टेट सौदों से जुड़ा हुआ है।

मिर्ची की 2013 में लंदन में मौत हो गई थी। नशीले पदार्थों की तस्करी और वसूली अपराधों में उसे दाऊद इब्राहीम का दाहिना हाथ माना जाता था।

एजेंसी ने इस मामले में राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल से शुक्रवार को पूछताछ की थी। पटेल पर मिर्ची के परिवार के साथ कथित तौर पर संपत्ति संबंधी सौदा करने का आरोप है।

पटेल ने कुछ भी गलत किए जाने से इनकार किया है।

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