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R. भारत EXCLUSIVE: पाकिस्तान की सेना में मची खलबली, 'आगे भारत तो पीछे ईरान'

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

आतंक का आका पाकिस्तान बाज आने का नाम नहीं ले रहा है, वो अपने देश में आतंक की फैक्ट्रियां चला रहा है... लेकिन पाकिस्तान के अंदरूनी हालात बेहद खराब है। भारत के तेवर देखकर पाकिस्तान त्राही त्राही कर रहा है। 

कुछ दिनों पहले पश्तुन लिब्रेशन फ्रंट के बड़े नेता आज़ाद खान ने भी कहा था कि पाकिस्तान से पुलवामा हमले और पश्तूनों के बहाए जा रहे खून का बदला ज़रूर लिया जाएगा, इतना ही नहीं पाकिस्तान के सिंध प्रांत में लोग आजादी के लिए लड़ रहे हैं। यानी पाकिस्तान के इस बार दो नहीं बल्कि 4 टुकड़े होने वाले हैं।

पाकिस्तान के लिए बुरी खबर ईरान और अफगानिस्तान से भी आई है। ईरान ने पाकिस्तानी सीमा पर दीवार बनाने की बात कही है ईरान ने कुछ दिनों पहले पाकिस्तान को चेतावनी भी दी थी कि अगर पाकिस्तान ने ईरान में आतंक मचाने वाले संगठनों पर कार्रवाई नहीं की तो ईरान पाकिस्तान में अंदर घुसकर कार्रवाई करेगा।

पाकिस्तानी आर्मी बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा को छोड़कर LoC की तरफ भाग रही है। दरअसल नॉर्थ वजीरिस्तान में मौजूद पाकिस्तानी सैनिक बुन्नु और जानीखेल के रास्ते सरहद की तरफ बढ़ रहे हैं। हालांकि सरहद की तरफ बढ़ते हुए वो जिस भी पश्तूनी कबीले से मदद मांग रहे, सब पाकिस्तानी सेना को मना कर रहे हैं।

  • अब आपको बताते हैं कि बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की कौन कौन सी डिविज़न तैनात है...

बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तान की फ्रंटियर कॉर्प्स तैनात है। इस डिविज़न के जिम्मे ईरान और अफगानिस्तान के साथ सरहदों की सुरक्षा करना है। इस डिविज़न में करीब 1 लाख 10 हज़ार सैनिक शामिल हैं। इसी तरह बलूचिस्तान के क्वेटा में भी एक डिविज़न तैनात है जिसे सदर्न कमांड कहा जाता है इसमें करीब 30 हज़ार सैनिक शामिल हैं। इस कमांड का चीफ लेफ्टिनेंट जनरल असीम सलीम बाजवा है।

इसी तरह CPEC की सुरक्षा के नाम पर भी पाकिस्तान ने 15 हज़ार सैनिकों की एक डिविज़न को बलूचिस्तान में तैनात किया है, इसका हेडक्वाटर गिलगित बाल्टिस्तान में है।

बलूचिस्तान में पाक के कितने सैनिक?

फ्रंटियर कॉर्प्स

  • बलूचिस्तान और खैबर में तैनात 
  • अफगानिस्तान-ईरान बॉर्डर की जिम्मेदारी 
  • फ्रंटियर कॉर्प्स में 1,10,000 सैनिक 

बलूचिस्तान में पाक के कितने सैनिक?

सदर्न कमांड

  • बलूचिस्तान के क्वेटा में तैनात
  • क्वेटा कॉर्प्स में 30 हज़ार सैनिक 
  • सदर्न कमांड का चीफ असीम सलीम बाजवा 

बलूचिस्तान में पाक के कितने सैनिक?

स्पेशल सिक्योरिटी डिविज़न

  • 15 हज़ार सैनिकों की डिविज़न 
  • CPEC की सुरक्षा की जिम्मेदारी 
  • गिलगित-बाल्टिस्तान में हेडक्वाटर 

गौरतलब है कि पुलवामा हमले के तीन बाद यानी 17 फरवरी को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पर भी एक ऐसा ही हमला हुआ था जिसमें 27 सैनिकों की मौत हो गई थी। ईरान ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। इस हमले को पाकिस्तान से संचालित होने वाले आतंकी संगठन जैश अल अद्ल ने अंजाम दिया था। यहां तक कि ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने भी एक संदेश में कहा था कि वो सैनिकों की मौत का बदला लेकर रहेंगे।

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