General News

''24 तारीख को चुनावी नतीजे के बाद पता चलेगा कांग्रेस कब्र में गई श्मशान में गई या आसमान में गई'' : अशोक तंवर

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

हरियाणा विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस को झटका लगा है।  पूर्व सांसद अशोक तंवर ने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।  वह हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अशोक तंवर ने इस्तीफे के बाद रिपब्लिक भारत से बात करते हुए कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के  24 तारिख को नतीजे आने के बाद पता चलेगी की कांग्रेस पार्टी कब्र में गई श्मशान में गई या आसमान में गई... जमीन में गई पाताल में गई की कहां गई। 

बता दें हरियाणा विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण से नाराज प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर ने शनिवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर के कुछ लोगों के कारण पार्टी अस्तित्व के संकट से जूझ रही है।

तंवर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे त्यागपत्र में यह आरोप भी लगाया कि पार्टी को खत्म करने की साजिश की जा रही है।

कुछ दिनों पहले ही उन्होंने राज्य विधानसभा चुनाव के बनी विभिन्न समितियों से इस्तीफा दे दिया था।

तंवर ने 'पीटीआई-भाषा' से बातचीत में कहा कि उनके सामने पार्टी छोड़ने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था और वह फिलहाल भाजपा या किसी अन्य पार्टी में शामिल नहीं होने जा रहे।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि राहुल गांधी के करीबियों की 'राजनीतिक हत्या' की जा रही है।

त्यागपत्र में तंवर ने कहा, 'मौजूदा समय में कांग्रेस अपने राजनीतिक विरोधियों के कारण नहीं, बल्कि आपसी अंतर्विरोधों के चलते अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। जमीन से उठे और किसी बड़े राजनीतिक परिवार से ताल्लुक नहीं रखने वाले मेहनती कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।'

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पार्टी में ‘‘पैसे, ब्लैकमेलिंग और दबाव बनाने रणनीति’’ काम कर रही है।

तंवर ने पार्टी के महासचिव प्रभारी गुलाम नबी आजाद और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि इन नेताओं के साथ 'सांठगांठ' ही टिकट पाने का सबसे महत्वपूर्ण मापदण्ड रहा और ऐसे में पांच साल मेहनत करने वाले कई कार्यकर्ता टिकट पाने से उपेक्षित रह गए।

उन्होंने कांग्रेस से अपने अपने ढाई दशक के जुड़ाव और राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा, 'मेरी लड़ाई व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ है जो देश की सबसे पुरानी पार्टी को खत्म कर रही है।'

दरअसल, पिछले महीने तंवर को हटाकर पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा को प्रदेश कांग्रेस समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। इसके साथ ही हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष और चुनाव प्रबन्धन समिति का प्रमुख बनाया गया था।

तंवर और समर्थकों ने टिकट वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पिछले दिनों पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था।

शैलजा ने तंवर के आरोपों को खारिज करते हुए शुक्रवार को कहा कि टिकट तय प्रक्रिया के तहत दिए गए हैं और सभी नेताओं को मिलकर कांग्रेस को जिताने के लिए काम करना चाहिए।

(इनपुट-भाषा से भी )

DO NOT MISS