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CBI डायरेक्टर को हटाना, राफेल जांच को रोकने के लिए PM मोदी का ‘घबराहट में उठाया कदम’: राहुल गांधी

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को आधी रात में हटाना ‘अवैध’ तथा राफेल विमान सौदे में ‘भ्रष्टाचार’ की जांच रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘‘घबराहट में उठाया गया कदम’’ है.

राहुल ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वर्मा को हटाना न सिर्फ संविधान बल्कि देश के प्रधान न्यायाधीश और नेता प्रतिपक्ष का भी ‘अपमान’ है जो प्रधानमंत्री के साथ उस पैनल में शामिल हैं जिसे उन्हें नियुक्त करने या हटाने का अधिकार है.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की लेकिन केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा, ‘‘राहुल गांधी राफेल विमान सौदे में हर दिन एक नया झूठ गढ़ रहे हैं.’’

वित्त मंत्री अरूण जेटली के अनुसार वर्मा तथा विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को केंद्रीय सतर्कता आयोग की सिफारिश पर छुट्टी पर भेजा गया क्योंकि सीबीआई की संस्थागत ईमानदारी और विश्वसनीयता को कायम रखने के लिए यह अत्यंत आवश्यक था.

सीबीआई ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया कि राफेल जेट सौदे सहित कई महत्वपूर्ण फाइलें वर्मा के विचाराधीन हैं जब केंद्र ने उनसे उनका अधिकार ले लिया था. सीबीआई ने कहा कि वर्मा अब भी उसके निदेशक हैं लेकिन छुट्टी पर हैं.

राहुल ने संवाददाताओं से कहा, " आधी रात को सीबीआई निदेशक को हटाने का मुख्य कारण यह है कि सीबीआई राफेल घोटाले में प्रधानमंत्री की भूमिका और उसके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच शुरू करने जा रही थी."

उन्होंने आरोप लगाया कि आधी रात को दो बजे सीबीआई प्रमुख को हटाने का प्रधानमंत्री का कदम ‘‘घबराहट में उठाया गया कदम’’ था क्योंकि उन्हें पता था कि वर्मा राफेल सौदे में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच का आदेश देने जा रहे थे.

उन्होंने कहा, "यह अवैध है...यह अपराध है. यह संविधान का अपमान है. यह भारत के प्रधान न्यायाधीश, नेता प्रतिपक्ष का अपमान है. यह भारत के लोगों का भी अपमान है." राहुल से भाजपा के इस आरोप के बारे में सवाल किया गया कि उन्हें राफेल सौदे में जांच का आदेश देने की वर्मा की योजना के बारे में कैसे पता लगा. इसके जवाब में राहुल ने कहा, "पूरा देश जानता है कि सीबीआई राफेल घोटाले में प्रधानमंत्री की भूमिका की जांच शुरू करने जा रही थी. यही कारण है कि सीबीआई निदेशक को रात में दो बजे हटा दिया गया. प्रधानमंत्री को डर था कि अगर सीबीआई जांच शुरू होती है तो वह खत्म हो जाएंगे. इस लिहाज से प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया घबराहट भरी थी.’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने यह आरोप भी लगाया कि प्रधानमंत्री ‘‘राफेल घोटाले में सबूत दबा रहे हैं’’ और यही वजह है कि वर्मा को रात में दो बजे हटा दिया गया और उनका कमरा सील कर दिया गया तथा कई दस्तावेज जब्त कर लिए गए .

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस इस मामले में अदालत जाएगी, राहुल ने कहा, "विपक्षी दल के रूप में हमारा कर्तव्य सच का खुलासा करना और जनता को सूचित करना है." उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विपक्षी दल का काम कर रही है.

सीबीआई द्वारा राफेल सौदे की जांच शुरू किए जाने संबंधी दावों को लेकर अपने आत्मविश्वास के आधार के बारे में पूछे जाने पर राहुल ने जवाब टाल दिया और दावा किया, ‘‘ मैं जानता हूं, जैसे हर कोई जानता है. सवाल यह नहीं है कि मैं यह कैसे जानता हूं. सवाल यह है कि प्रधानमंत्री ने अपने मित्र अनिल अंबानी को राफेल में 30,000 करोड़ रुपये की मदद की और यह भ्रष्टाचार है."

संयुक्त निदेशक नागेश्वर राव का जिक्र करते हुए राहुल ने आरोप लगाया कि एजेंसी का अंतरिम प्रभार ऐसे व्यक्ति को दिया गया है जिनके खिलाफ ही मामले हैं ताकि प्रधानमंत्री उन्हें नियंत्रित कर सकें.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पूरे देश को पता है कि प्रधानमंत्री ने "भ्रष्टाचार" किया है और सब कुछ साबित करता है कि प्रधानमंत्री ने अपने मित्र अनिल अंबानी की जेब में 30,000 करोड़ रुपये डाल दिए और देश को लूट लिया.

राहुल ने कहा, "आप जितना चाहें, दौड़ सकते हैं, लेकिन अंत में पकड़े जाएंगे... मैं आपको बता रहा हूं कि नरेंद्र मोदी पकड़े जाएंगे. वह आज दौड़ सकते हैं लेकिन देश और विपक्ष उन्हें कल पकड़ ही लेंगे.’’

उन्होंने कहा कि अब से हर भारतीय संस्थान प्रधानमंत्री की रक्षा करने जा रहा है, लेकिन हर भारतीय नागरिक को सच का पता चल जाएगा.

(इनपुट- भाषा)

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