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केरल में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन, कई बसों पर पथराव

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

केरल में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ कई हिस्सों में केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों पर पथराव की घटनाएं सामने आई है। राज्य के कई संगठनों ने दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सुबह से शाम तक की हड़ताल आहूत की है।

राज्य में करीब 30 इस्लामिक और राजनीतिक संगठनों ने हड़ताल बुलाई है। हालांकि इस हड़ताल से माकपा और विपक्षी कांग्रेस तथा आईयूएमएल ने खुद को अलग रखा है। केएसआरटीसी, निजी बसें, चार वाहन और ऑटोरिक्शा राजधानी में चलते हुए देखे गए जबकि उत्तरी केरल खास तौर पर कन्नूर और कोझिकोड में सुबह सड़कें खाली रही।

शहर के पेरूर्रकादा इलाके के अलावा पलक्कड़, वायनाड, कोझिकोड और अलुवा में केएसआरसीटीसी बसों पर भी पथराव हुआ है। कई स्थानों पर हड़ताल समर्थकों ने प्रदर्शन भी किया। पुलिस अधीक्षक शिवा विक्रम ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पलक्कड में करीब 120 लोगों को या तो गिरफ्तार कर लिया गया या एहतियात के तौर पर सुबह नौ बजे तक हिरासत में लिया गया।

उन्होंने बताया, ‘‘ करीब 50-70 लोगों को अब तक हिरासत में लिया गया है और बाकी को गिरफ्तार किया गया।’’

अधिकारी ने बताया कि तमिलनाडु के वेलनकन्नी से आ रही बस पर वलायार में तड़के तीन बजे पथराव की घटना सामने आई। कन्नूर में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक जुलूस भी निकाला। इन कार्यकर्ताओं को यहां से हटाया गया और हिरासत में लिया गया।

यहां प्रदर्शन कर रही दो महिला कार्यकर्ताओं को जब पुलिस ले जा रही थी तो उन्होंने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाए और ‘सीएए वापस लो’ के नारे लगाए। उन्होंने जामिया के छात्रों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘ वे हमारे बच्चे हैं और आप को हमारा समर्थन करना चाहिए।’’

मुन्नार में भी केएसआरटीसी बस पर पथराव की घटना सामने आई है। मंगलवार को आयोजित होने वाली स्कूल और विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को अभी तक स्थगित नहीं किया गया है।

राज्य के पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हड़ताल अवैध है क्योंकि इसके लिए पहले से अनुमति नहीं ली गई है जो कि जरूरी है।
 

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