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प्रियंका गांधी के काफिले में कांग्रेसियों ने उड़ाई कानून की धज्जियाँ, बिना टैक्स दिए ही गुजरा काफिला

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी अपनी पार्टी में नई जान फूंकने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं। पिछले तीन दिनों से वह यूपी के दौरे पर हैं और अमेठी, रायबरेली के बाद आज अयोध्या गईं थीं। अयोध्या में अपना दौर खत्म करके प्रियंका गांधी वापस लखनऊ जा रही थीं।

अयोध्या से लखनऊ जाते समय प्रियंका का काफ़िला  बाराबंकी से होकर गुजरा। जहां रास्ते में रुककर उन्होंने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया और आगे बढ़ गईं। इस दौरान प्रियंका गांधी के काफ़िले में मौजूद एसपीजी सुरक्षा के अलावा कई गाड़ियों में पार्टी नेता और कार्यकर्ता सवार थे। यह पार्टी नेता और कार्यकर्ता इतने जोश में थे कि रास्ते में पड़ने वाले अहमदपुर टोल प्लाजा पर बिना टोल टैक्स की दिए ही रवाना हो गए

टोल टैक्स न देने वाली पार्टी कार्यकर्ताओं की गाड़ियों की संख्या एक दो नहीं, बल्कि लगभग 10 से 12 थी। ये सारी गाड़िया प्रियंका के काफिले के साथ थी।

प्रियंका के काफिले में मौजूद इन गाड़ियों के टोल टैक्स न देने पर अहमदपुर टोल प्लाजा के उप प्रबन्धक वीरेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि प्रियंका के काफिले में करीब 25 गाड़ियां निकली हैं। जिसमें से करीब 10 से 12 गाड़ियां पार्टी कार्यकर्ताओं की थीं, जिन्होंने टोल नहीं दिया। इन गाड़ियों के टोला न देने से हजार रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।

टोल प्लाजा के उप प्रबन्धक के मुताबिक नियमतः मौजूदा सांसद,विधायक, मंत्री ,मुख्यमंत्री के लिए ही टोल प्लाजा पर छूट होती है लेकिन इन गाड़ियों को टोल टैक्स देकर यहां से गुजरना चाहिए था।

हालांकि इसी बीच  प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए खुद के इस सीट से चुनाव लड़ने की मंशा संबंधी अटकलों को और हवा दे दी।

प्रियंका ने गुरुवार रात रायबरेली में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान एक कार्यकर्ता के सुझाव पर रायबरेली से चुनाव लड़ने के सुझाव पर हल्के फुल्के अंदाज में कहा था "तो क्या मैं बनारस से ना लड़ जाऊं"।

प्रियंका ने शुक्रवार को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपने ही संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी को पर्याप्त समय ना देने का आरोप लगाकर उनके क्षेत्र वाराणसी से चुनाव लड़ने की अटकलों को और प्रबल कर दिया।

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