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अयोध्या फैसले पर बोले पीएम मोदी- 'वोटबैंक के लिए पिछली सरकारों ने इस भावात्मक विषय को सुलझाने में इच्छाशक्ति नहीं दिखाई'

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार 26 नवंबर को रिपब्लिक समिट 2019 को संबोधित किया। यह दूसरी बार था जब पीएम मोदी रिपब्लिक समिट शिरकत की। पीएम मोदी ने रिपब्लिक के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी द्वारा शिखर पर मंच पर स्वागत किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में अयोध्या मुद्दे, तीन तलाक, राफेल, GST समेत दूसरे मुद्दों को लेकर विपक्ष पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।  

प्रधानमंत्री ने कहा देश के सामने एक और विषय से था जो सैकड़ों वर्षों से चल रहा था। दशकों से अलग अलग अदालतों में इस पर चर्चा चल रही थी। ये विषय था अयोध्या का। कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों की स्वार्थ भरी राजनीति ने अयोध्या विवाद को इतने दिन तक खींचा। अगर ऐसे लोगों का बस चला होता तो इस विषय को ये लोग कभी सुलझने ही नहीं देते। चाहे आर्टिकल 370 हो, अयोध्या हो, तीन तलाक हो या गरीबों को आरक्षण, देश ने ऐसे फैसले लिए, पुरानी चुनौतियों का सामना किया और अब आगे बढ़ चला है। ऐसा नहीं है कि देश विरोधी ताकतों ने लोगों को भड़काने के, अलगाव बढ़ाने के, उकसाने के प्रयास नहीं किए। प्रयास हुए, लेकिन जनता ने ही उन्हें विफल कर दिया । पहले जो दल सत्ता में थे, उन्होंने इस भावात्मक और संवेदनशील विषय को सुलझाने में इच्छाशक्ति ही नहीं दिखाई। वो इसमें अपना वोटबैंक देख रहे थे


रिपब्लिक समिट को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा ''आज हमारे संविधान के 70 साल पूरे हुए हैं। एक प्रकार से ये ऐतिहासिक दिन है। मैं सभी को संविधान दिवस की बधाई देता हूं। 5-6 साल पहले तक जनता और मीडिया में सवाल ही सवाल चलते थे। ऐसा लगता था कि कोई रिकॉर्डेड बुलेटिन चल रहा है। कभी घोटाले की खबर, कभी भ्रष्टाचार की खबर, कभी बम धमाके और कभी आसमान छूती महंगाई। यही खबरें लौट-लौटकर आती रहती थीं। अब उन हालातों और परिस्थितियों से देश बहुत आगे निकल चुका। अब समस्या और चुनौतियों से आगे समाधान पर बात हो रही है, दशकों पुरानी समस्याओं का समाधान होते हुए देश देख रहा है और कभी कभी लोग कहते भी हैं कि हमने सोचा नहीं था कि हम जीते जी ये देख भी पाएंगे। कोई खुद से समुद्र तटों की सफाई का नेतृत्व कर रहा है, कोई गरीब बच्चों को पढ़ा रहा है, कोई गरीबों को डिजिटल लेनदेन सिखा रहा है।  लोगों ने हमें लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अथक परिश्रम करने के लिए यह आज्ञा दी है। वे देश को उन चुनौतियों से मुक्त करने की आकांक्षा रखते हैं, जिन्होंने हमें लंबे समय तक जकड़ा है। पीएम  मोदी ने कहा ऐसी अनगिनत बातें देश के कौने-कौने में हैं। यही तो है नेशन फर्स्ट।

यही तो है नेशन फर्स्ट- PM मोदी

पीएम मोदी ने नेशन फर्स्ट  का उदाहरण देते हुए कहा मेरी विनम्र अपील के बाद, 1 करोड़ से अधिक लोगों ने अपनी गैस सब्सिडी छोड़ दी है। यही तो है नेशन फर्स्ट। 

उन्होंने कहा , एक 105 वर्षीय आदिवासी महिला ने शौचालय बनाने के लिए अपनी बकरियों को, अपनी आय का एकमात्र स्रोत बेच दिया और एक आंदोलन शुरू किया। यही तो है नेशन फर्स्ट।

पीएम मोदी ने कहा इसके दो कारण हैं - पहला  भारत के 130 करोड़ लोगों का आत्मविश्वास, जो कहता है Yes It is India's Moment । दूसरा - भारत के 130 करोड़ लोगों की सोच जो कहती है Nation First  यानि सबसे पहले और सबसे ऊपर देश।

 प्रधानमंत्री ने आगे कहा कहा 'कोई खुद से समुद्र तटों की सफाई का नेतृत्व कर रहा है, कोई गरीब बच्चों को पढ़ा रहा है, कोई गरीबों को डिजिटल लेनदेन सिखा रहा है।' ऐसी अनगिनत बातें देश के कौने-कौने में हैं। यही तो है नेशन फर्स्ट। 

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