General News

जन्मदिन के अवसर पर मां हीराबेन से आर्शीवाद लेने पहुंचे पीएम मोदी, साथ किया लंच

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 69वां जन्‍मदिन है। पीएम मोदी इस मौके पर नमामि देवी नर्मदे महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने सरदार सरोवर बांध पर मां नर्मदा की महाआरती भी की। इससे पहले उन्‍होंने नर्मदा जिले के केवडिया में बांध और स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के पास चल रहीं विकास परियोजनाओं का भी जायजा लिया।  वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने 69वें जन्मदिन पर अपनी मां हीराबा से गांधीनगर में उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने अपनी मां से आशीर्वाद लिया । इस दौरान पीएम मोदी ने मां हीराबेन केसाथ लंच किया। 


इससे पहले नर्मदा के केवड़िया में प्रधानमंत्री एक सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 के फैसले का जिक्र कर कहा कि आजादी के बाद जो काम अधूरे रह गये थे, उनको पूरा करने का पर्सा किया जा रहा है। 

प्रधानमंत्री ने कहा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को 70 साल तक भेदभाव का सामना करना पड़ा। इसका दुष्परिणाम, हिंसा और अलगाव के रूप में पूरे देश ने भुगता। सरदार साहेब की प्रेरणा से एक महत्वपूर्ण फैसला देश ने लिया, दशकों पुरानी समस्या के समाधान के लिए नए रास्ते पर चलने का निर्णय लिया गया ।  मुझे पूरा विश्वास है कि जम्मू कश्मीर के, लद्दाख और कारगिल के लाखों साथियों के सक्रिय सहयोग से हम विकास और विश्वास की नई धारा बहाने में सफल होंगे।

उन्होंने आगे कहा आज निर्माण और सृजन के देवता विश्वकर्मा जी की जयंती है। नए भारत के निर्माण के जिस संकल्प को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं, उसमें भगवान विश्वकर्मा जैसी सृजनशीलता और बड़े लक्ष्यों को प्राप्त करने की इच्छाशक्ति बहुत आवश्यक है। 

प्रधानमंत्री ने कहा आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो सरदार सरोवर बांध और सरदार साहब की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा, दोनों ही उनकी इच्छाशक्ति और संकल्पशक्ति के प्रतीक है। मुझे विश्वास है कि उनकी प्रेरणा से हम नए भारत से जुड़े हर संकल्प को सिद्ध करेंगे और हर लक्ष्य को प्राप्त करेंगे ।

पीएम मोदी ने जनता संबोधित करते हुए कहा हमने पहली बार सरदार सरोवर बांध को पूरा भरा हुआ देखा है। एक समय था जब 122 मीटर के लक्ष्य तक पहुंचना ही बड़ी बात थी। लेकिन 5 वर्ष के भीतर 138 मीटर तक सरदार सरोवर का भर जाना, अद्भुत और अविस्मरणीय है। आज केवड़िया में तालाबों, झीलों, नदियों की साफ-सफाई का काम किया जा रहा है। आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण का भी काम होना है। ये अभिनंदनीय, सराहनीय कार्य है।  यही वो प्रेरणा है जिसके आधार पर जल जीवन मिशन आगे बढ़ने वाला है।

उन्होंने कहा मुझे याद है कि वर्ष 2000 में राजकोट, सुरेंद्रनगर और जामनगर में पानी पहुंचाने के लिए भारत के इतिहास में पहली बार पानी के लिए Special Water ट्रेन चलानी पड़ी थी। आज जब उन पुराने दिनों को याद करते हैं तो लगता है कि आज गुजरात कितना आगे निकल आया है।

पीएम ने कहा आपने जब मुझे यहां का दायित्व दिया था, तब हमारे सामने दोहरी चुनौती थी। सिंचाई, पीने के पानी, बिजली के लिए डैम के काम को तेज करना और दूसरी तरफ नर्मदा कैनाल के नेटवर्क को व वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था को भी बढ़ाना था।लेकिन हमने हार नहीं मानी और आज सिंचाई की योजनाओं का एक व्यापक नेटवर्क गुजरात में खड़ा हो गया है। अभी कुछ साल पहले IIM अहमदाबाद ने एक Study की थी, जिसमें सामने आया कि माइक्रो इरिगेशन के कारण ही गुजरात में 50% तक पानी की बचत हुई है।


उन्होंने कहा आज मां नर्मदा का जल सिर्फ कच्छ ही नहीं गुजरात के एक बड़े हिस्से के लिए पारस सिद्ध हो रहा है। नर्मदा का पानी, सिर्फ पानी नहीं है, वो पारस है, जो मिट्टी को स्पर्श करते ही उसे सोना बना देता है। नर्मदा के जल की वजह से सिंचाई की व्यवस्था बढ़ी है। टूरिजम की जब बात आती है तो  स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की चर्चा स्वाभाविक है। इसके कारण केवड़िया और गुजरात पूरे विश्व के टूरिजम मेप पर छा गए हैं। अभी इसका लोकार्पण हुए सिर्फ 11 महीने ही हुए हैं, लेकिन अब तक 23 लाख से अधिक पर्यटक देश और विदेश से यहां आ चुके हैं । स्टेच्यू ऑफ यूनिटी आज यहां के आदिवासी बहन भाइयों और युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम भी बनती जा रही है। आने वाले समय में जब यहां के रास्ते, यहां टूरिजम से जुड़े दूसरे प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे, तो रोज़गार के अवसर और अधिक बढ़ जाएंगे।

पीएम ने कहा सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्ति के लिए पूरा देश प्रयास कर रहा है। मुझे जानकारी मिली है कि आप सभी स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत इस काम में जुटे हुए हैं। हमारा जल, जंगल और जमीन प्लास्टिक से मुक्त होनी चाहिए ये देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है । 17 सितंबर का दिन सरदार साहब और भारत की एकता के लिए किए गए उनके प्रयासों का स्वर्णिम दिन है। आज हैदराबाद मुक्ति दिवस भी है। आज के ही दिन 1948 में हैदराबाद का विलय भारत में हुआ था और आज हैदराबाद देश की उन्नति और प्रगति में पूरी मजबूती से योगदान दे रहा है।

DO NOT MISS