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Republic Summit 2018 के मंच से PM मोदी का बड़ा ऐलान: 99% आइटम को 18% या उससे कम GST के दायरे लाया जाएगा

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

रिपब्लिक समिट 2018 का आगाज हो चुका है. ये समिट देश के सबसे हाई प्रोफाइल इवेंट है. इस समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया और कई मुद्दों पर अपने विचार साझा किए. इस दौरान उन्होंने Surging India से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तृत विचार रखे.

देश के सबसे हाई प्रोफाइल इवेंट रिपब्लिक समिट 2018  में देश के जाने माने संगीतकार शंकर महादेवन ने शानदार देशभक्ति गीत वंदे मातरम से  शुरुआत की. इस समिट में देश के कई जाने माने राजनेता शिरकत कर रहे हैं.

PM मोदी ने अपने संबोधन में GST को लेकर सरकार की चुनौतियों और उसको सरल बनाने के कदम का जिक्र किया. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी GST पर क्या बोला?

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साथियों जब सार्वजनिक जीवन में सूचिता, पारदर्शिता हो और लोगों के लिए काम करने के प्रति कंविक्शन हो, कमेटमेंट हो तो बड़े और कड़े फैसले लेने का हौसला अपने आप आ जाता है. हमारे देश में दशकों से GST की मांग थी आज हम संतोष के साथ कह सकते हैं. कि GST लागू होने के बाद बाजार की विसंगतियां दूर हो रही हैं. और सिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ रही है. अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता की तरफ हम बढ़ रहे हैं. 

समाज के मेहनती और उद्यमी लोग जो बाजार से जुड़े हैं उन्हें एक साफ सुथरी सरल... इंस्पेक्टर राज से मुक्त व्यवस्था मिल रही है. पूरे भारत ने एक मन होकर इतने बड़े टैक्स रिफॉर्म को लागू करने के लिए प्रयास किया. हर तरह से किसी न किसी तरह ने अपना योगदान दिया. हमारे कारोबारियों और लोगों के इसी जज्बे का परिणाम है कि भारत इतना बड़ा बदलाव करने में सफल हो सका है. विकसित देशों में भी छोटे-छोटे टैक्स रिफॉर्म लागू करना आसान नहीं होता है. जैसे मैंने पहले कहा GST लागू से पहले रजिस्टर इंटरप्राइज की संख्या मात्र 66 लाख थी जो अब बढ़कर 1 करोड़ 20 लाख हो गई है.

शुरुआती दिनों में GST अलग-अलग राज्यों में VAT, एक्साइज और... जो भी कानून थे. व्यवस्था थी. उसकी छाया में आगे बढ़ रहा था. जैसे-जैसे विचार विमर्श हुआ, स्टेक होल्डर से बातें हुई. राज्य सरकारों से बात हुई. इकोनॉमिस्ट से बात हुई. धीरे-धीरे इसमें बदलाव आते रहे. साथियों आज GST का सिस्टम काफी हद तक स्थापित हो गया है. और हम अभी भी आवश्यकता के अनुसार जन सामान्य के अनुकूलता के हिसाब से उसको ढ़ालने के लिए प्रतिबद्ध हैं. आज हम उस स्थिति की तरफ पहुंच रहे हैं. 

मैं एक बहुत महत्वपूर्ण बात भी आपको बताना चाहता हूं आज हम उस स्थिति की तरफ पहुंच रहे हैं जहां 99 प्रतिशत चीजें.. 18 प्रतिशत या उससे कम टैक्स के दायरे में लाई जा सकती हैं. और हम उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. उसके बाद जो एक आधा प्रतिशत लग्जरी आइटम्स होंगे. वही शायद 18 प्रतिशत के बाहर रह जाएंगे. जिसमें कोई हवाई जहाज खरीद करके लाता है. कोई बहुत बड़ी मंहगी गाड़ियां लाता है. शराब है सिगरेट है ऐसी कुछ चीजें. मुश्किल से 1 परसेंट भी नहीं., 

हमारी ये मत है कि GST को जितना सरल और सुविधाजनक किया जा सकता है उसे किया जाना चाहिए. और ये स्पष्ट है औप मैं तो अभी जो GST काउंसिल की मीटिंग होगी उसके लिए भी मैंने अपने सुझाव दे दिए हैं. क्योंकि वो सभी राज्य मिलकर के तय करते हैं. 99 परसेंट चीजें 18 प्रतिशत या उससे नीचे हो जाएंगी. आधा, पौना या एक परसेंट चीजों को छोड़कर सारी चीज. और ये काम हम लगातार करते करते अपने लक्ष्य को पार करने की दिशा में पहुंच रहे हैं. 

साथियों मेरा और मेरी सरकार की सोच और विजन स्पष्ट है. दुनिया का सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश ये छोटे सपने नहीं देख सकता. सपने, आकांक्षाएं और लक्ष्य तो ऊंचे ही होने चाहिए. हम बड़े लक्ष्य की तरफ ईमानदारी से प्रयास करेंगे. उसे प्राप्त भी करेंगे. लेकिन लक्ष्य ही छोटा रखोगे तो सफलता भी छोटी ही नज़र आएगी. 

बता दें, रिपब्लिक समिट 2018 में देश के कई राजनेता रिपब्लिक टीवी के बेबाक सवालों का जवाब दे रहे हैं. LIVE देखने के लिए यहां क्लिक करें...

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