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राम मंदिर को लेकर हलचल तेज, RSS प्रमुख मोहन भागवत संतो से मिले

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

विश्व हिंदू परिषद की दो दिवसीय धर्म संसद में शामिल होने के लिए आरएसएपस प्रमुख मोहन भागवत , भैयाजी जोशी, दत्तात्रेय होसबोले भी पहुंच गए हैं । धर्म संसद में देश सभी हिस्सों से करीब पांच हजार संत शामिल होने आए हैं । 31 जनवरी और एक फरवरी को होने वाली धर्म संसद से राजनैतिक दलों को दूर रखा गया है । राम मंदिर से संबंधित प्रस्ताव पेश होने के बाद धर्म संसद का समापन होगा ।

सरसंघचालक मोहन भागवत जी स्वामी अवधेशानन्द जी के दिव्य प्रभु प्रेमी संघ शिविर में जाकर मिले। उसके बाद महंत नृत्यगोपालदास से मिलने पहुंचे। उनके मिलकर जूना पीठाधीश्वर स्वामी अबधेशनन्द से मिलने उनके शिविर गए। 


वहीं इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से भेंट की । धर्म संसद से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ की यहां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत तथा प्रयागराज कुंभ में एकत्र संतों से भेंट काफी अहम मानी जा रही है। 

प्रयागराज में वीएचपी की दो दिनी धर्मसंसद में देशभर से ढाई हजार साधु संतों के शामिल हो रहे हैं । इस धर्मसभा में राम मंदिर को लेकर विस्तार से चर्चा होगी । इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत धर्मसभा में अपनी राय रख रहे हैं । 

बता दें वीएपी की धर्मसंसद से पहले शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती की अध्यक्षता में हुए परम धर्म संसद ने मामले को और तेज कर दिया है । परम धर्मसंसद ने प्रायगराज कुंभ से कल राम मंदिर बनाने का ऐलान किया और कहा कि 21 फरवीर को साधु संत इसका शिलान्यास करेंगे ।

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केंद्र सरकार की अयोध्या में अधिग्रहीत 67 एकड़ भूमि वापस मांगने की सुप्रीम कोर्ट में याचिका के बीच में ही विश्व हिंदू परिषद के तत्वाधान में प्रयागराज महाकुंभ में दो दिनी विराट धर्म संसद में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सहित विख्यात संत-धर्माचार्य शामिल हैं। एक फरवरी को राममंदिर से संबंधित प्रस्ताव धर्म संसद में पेश किया जाएगा। अब राम मंदिर मुद्दे पर यहां संत जो निर्णय लेंगे उसी अनुसार कार्य किया जाएगा।

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