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प्रशांत किशोर के संगठन का जदयू से कोई लेना-देना नहीं : के सी त्यागी

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

बिहार में सत्तारूढ़ जदयू ने अपनी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के संगठन इंडियन पॉलीटिकल एक्शन कमेटी :आईपैक: के पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के लिए काम करने की चर्चा के बीच रविवार को स्पष्ट किया कि किशोर के संगठन से उसका कोई लेना-देना नहीं है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के यहां स्थित आवास पर रविवार को आयोजित जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद यहां संवाददाताओं से बात करते हुए पार्टी प्रवक्ता के. सी. त्यागी ने कहा कि किशोर के संगठन से उनकी पार्टी का कोई भी लेना देना नहीं है।

यह पूछे जाने पर कि क्या किशोर ने अपने संगठन द्वारा तृणमूल कांग्रेस की मदद करने से जुड़े मुद्दे के बारे में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के समक्ष स्थिति स्पष्ट कर दी है, त्यागी ने कहा, "किशोर ने नीतीश कुमार जी के साथ इस मुद्दे पर बात की थी और मामला अब समाप्त हो गया है।"


बता दें लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के खराब प्रदर्शन से खफा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनावी रणनीतिकार और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर से मुलाकात की। जानकारी के अनुसार प्रशांत किशोर 2021 में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी के लिए काम करेंगे।

आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी को विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जबरदस्त जीत दिलाने वाले प्रशांत किशोर एक महीने बाद ममता बनर्जी के लिए भी काम शुरू कर सकते हैं। 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए ममता कोई जोखिम मोल लेना नहीं चाहतीं।

बता दें प्रशांत किशोर जाने - माने चुनावी रणनीतिकार हैं। विधायनसभा चुनावों में अपनी रणनीति से उन्होंने चंद्रबाबू नाडयू को सत्ता से बाहर कर दिया । उनकी स्ट्रेटजी की बदौलत जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश की सबी 25 सीटें जीतीं और विधानसभा में 175 में से 150 सीटों पर कब्जा जमाया। 

गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने 2014 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के लिए कैंपेन डिजाइन किया था। बीजेपी से अलग होने के बाद प्रशांत  ने 2015 में नीतीश कुमार की जीत मेंअहम भूमिका  निभाई । लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में जीत नहीं दिला पाए थे। 

( इनपुट-भाषा से )

 

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