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करोड़ों किसानों को किसान योजना का लाभ मिला : PM मोदी

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

कन्याकुमारी- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी की निंदा करते हुए कहा कि जनता ‘डाइनेस्टी (वंशवाद)’ नहीं बल्कि ‘आनेस्टी (ईमानदारी)’ चाहती है।

मोदी ने यहां कई परियोजनाओं का शुभारंभ और कई अन्य की आधारशीला रखने के बाद कहा, ‘‘प्रत्येक भारतीय को बहादुर पायलट अभिनंदन पर गर्व है।’’ 

उन्होंने कहा कि 1.1 करोड़ से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2,000 रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है।

उन्होंने कहा, ‘‘1.1 करोड़ से अधिक किसानों को पहले ही सीधे उनके बैंक खाते में पहली किस्त भेजी जा चुकी है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई योजना एक फरवरी को घोषित की जाती है और वह उसी महीने वास्तविकता बन जाती है...।’’ 

2014 में लंबे समय बाद उनकी पार्टी को संसद में पूर्ण बहुमत मिला। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के लिये मतदान कर लोग ईमानदारी चाहते थे, वंशवाद नहीं। जनता विकास चाहती है नुकसान नहीं। लोग प्रगति चाहते हैं ‘पॉलिसी पैरालाइसिस (नीतिगत अपंगुता)’ नहीं।

उन्होंने कहा कि वे अवसर चाहते हैं रुकावटें नहीं। लोग सुरक्षा चाहते हैं गतिरोध नहीं, वे सावेशी विकास चाहते हैं वोटबैंक की राजनीति नहीं।

यहां से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये तेजस एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर उन्होंने कहा कि तेजस एक्सप्रेस ट्रेन चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में निर्मित हुई है और यह ‘‘मेक इन इंडिया’’ का अच्छा उदाहरण है। इस ट्रेन ने मदुरै से अपना शुरुआती सफर शुरू किया है। 

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सबसे तेज ट्रेन ‘तेजस’ को हरी झंडी दिखायी है और यह सबसे आधुनिक ट्रेनों में से एक है। यह ‘मेक इन इंडिया’ का अच्छा उदाहरण है जिसे भारत ने चेन्नई के आईसीएफ में निर्मित किया है।’’ 

संत तिरुवल्लुवर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जब भी कोई दुर्लभ मौका आये तो कुछ दुर्लभ कृत्य करने के लिये उस मौके का फायदा उठायें।’’

वहीं पीएम मोदी ने जवानों को सलाम करते हुए कहा , ' 26/11 भारत में हुआ लेकिन कुछ नहीं किया। लेकिन उरी हुआ और पुलवामा हुआ, हमने बदला लिया। मैं सलाम करता हूं उन सैनिकों को जो हमारे देश की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा एक समय था जब अखबारों में खबरें निकलती थीं कि फोर्स बदला चाहती है लेकिन उन्हें यूपीए सरकार अनुमति नहीं दे रही । लेकिन आज के अखबारों कि सुर्खियां होती हैं कि सेना को खुली छूट दे दी गई है, जो चाहे वह करें। आंतवादियों से बदला लें ।'

 

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