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18वीं बार अपने संसदीय क्षेत्र बनारस पहुंचे PM मोदी, 3300 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का दिया तोहफा

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

देश के सियासी गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी पूरी ताकत झोंकने में जुटी हुई हैं। लेकिन इस बीच आगामी चुनाव में वाराणसी यानी बनारस की अपना अलग ही महत्व होने वाला है। जैसा कि हर किसी को मालूम है काशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र हैं ऐसे में हर कोई टक-टकी लगाए बैठा है कि बनारस का मूड इस बार क्या है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को 18वीं बार अपने संसदीय क्षेत्र बनारस पहुंचे और उन्होंने काशी वासियों को 3300 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का तोहफा दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सुपर कंप्यूटिंग सेंटर परम शिवाय की शुरुआत से नेशनल सुपर कंप्यूटिंग मिशन को गति मिलेगी।

पीएम ने अपने संबोधन में कहा, ''आज जिन दो बहुत बड़े कैंसर अस्पतालों का लोकार्पण हुआ है, उनमें से एक BHU में है और दूसरा लहरतारा में बना है। BHU का कैंसर अस्पताल तो सिर्फ 10 महीने में ही तैयार किया गया है। ये दोनों अस्पताल मिलकर काम करेंगे।''

उन्होंने कहा कि आप जैसे इंजीनियर-प्रोफेशनल्स ही कल भारत में बुलेट ट्रेन भी बनाएंगे और सफलता-पूर्वक चलाएंगे भी। आधुनिक इलाज की ये सभी सुविधाएं उन गरीब परिवारों के लिए और भी अहम सिद्ध होने वाली हैं, जिनको आयुष्मान भारत के तहत हर वर्ष 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा सुनिश्चित हुई है।

प्रधनामंत्री मोदी ने कहा, ''सड़क और रेलवे से जुड़े जितने भी काम बनारस और आसपास के क्षेत्रों में हो रहे हैं, इससे आवाजाही आसान होने के साथ ही किसानों को और व्यापारियों को लाभ मिल रहा है। बनारस में और पूर्वांचल में नए-नए उद्यमों के लिए रास्ते खुल रहे हैं।''

पीएम ने कहा कि डीजल इंजन को इलेक्ट्रोनिक इंजन में बदलने का काम दुनिया में पहली बार भारत में हुआ है। इस प्रयोग को सफल होने के बाद रेलवे की क्षमता और रफ्तार बढ़ाने में बड़ी सफलता मिलेगी।

एक बात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब मैं थोड़ी देर पहले वाराणसी पहुंचा था, तो DLW में मेरी मुलाकात कुछ दिव्यांग साथियों से हुई थी। अलग-अलग प्रतिभाओं के धनी इन साथियों से काफी देर तक मेरी बातचीत हुई। कोई पेंटर था, कोई पैराओलंपिक एथलीट था, कोई राष्ट्रीय स्तर का शूटर। एक बच्चा तो मिमिक्री में बहुत माहिर था।

प्रधानमंत्री ने कहा, ''पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाएं हों या फिर काशी स्मार्ट सिटी से जुड़ा इंटिग्रेटेड कमांड सेंटर, ये सारी सुविधाएं बनारस की तस्वीर बदलने वाली हैं। वहीं गोइठहाँ का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने से वरुणा के रास्ते गंगा जी की ओर गंदगी नहीं जा पाएगी।''

इसके साथ ही गंगा की सफाई पर उन्होंने कहा कि इससे गंगा जी की स्वच्छता और निर्मलता के हमारे अभियान को और ताकत मिलने वाली है। मां गंगा को निर्मल बनाने के लिए आप सभी ने, काशी-वासियों ने जो प्रयास किए हैं उनकी प्रशंसा आज दुनिया कर रही है।

पीएम मोदी ने कहा, ''काशी स्मार्ट भी बनेगी और अपने संस्कारों को कायम भी रखेगी। बाबा विश्वनाथ के परिसर की दिव्यता को भव्य स्वरूप देने का काम भी तेज़ गति से चल रहा है।''

उन्होंने कहा कि देश के पशुधन को स्वस्थ और बेहतर बनाने के लिए, हमारी सरकार द्वारा राष्ट्रीय गोकुल मिशन शुरु किया गया था। इस बार बजट में इसको विस्तार देते हुए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग बनाने का फैसला लिया गया है। ये आयोग गोमाता की देखभाल और उनसे जुड़े नियम-कायदों को प्रभावी तरीके से लागू करने का काम करेगा। यहां बनारस में भी दो कान्हा सेंटर बनने वाले हैं, जिनका शिलान्यास आज हो गया है। ये दोनों सेंटर गोमाता की सेवा के हमारे भाव को और मजबूत करेंगे।

पीएम ने साथ ही कहा, ''इस बजट में सरकार ने ऐलान किया है कि मछली पालन से जुड़े हर पहलू पर ध्यान देने के लिए अलग से एक डिपार्टमेंट बनाया जाएगा। मछली पालन के लिए 7 हज़ार करोड़ रुपए के फंड और किसान क्रेडिट कार्ड से लोन की व्यवस्था सरकार पहले ही कर चुकी है।''

प्रधानमंत्री बोलें, ''हमारी सरकार देश के विकास को दो पटरियों पर एक साथ आगे बढ़ा रही है। पहली पटरी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे: हाईवे, रेवले, एयरवे, बिजली, इंटरनेट, ऐसी सुविधाओं का विकास है। दूसरी पटरी, गरीब, किसान, श्रमिक, मध्यम वर्ग का जीवन आसान बनाने की है।''

उन्होंने बताया कि इस बार केंद्र सरकार ने जो बजट पेश किया है उसमें भी अनेक बड़ी योजनाओं का ऐलान किया गया है। ऐसे किसान परिवार जिनके पास 5 एकड़ से कम ज़मीन है, उनके लिए पीएम किसान सम्मान निधि नाम की योजना बनाई गई है।

पीएम ने कहा कि आपने देखा होगा कि पहले 10 वर्ष के बाद कर्जमाफी का ढिंढोरा पीटा जाता था और 50-55 हज़ार करोड़ रुपए की कर्जमाफी की जाती थी। अब जो योजना हमने बनाई है, इससे 10 वर्ष में साढ़े 7 लाख करोड़ रुपए किसानों के खाते में सीधे पहुंचेंगे।

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