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PM मोदी ने की फिट इंडिया मुहिम की शुरूआत, कहा- 'नए भारत के हर इंसान को स्वस्थ बनाने की जरूरत'

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

वीरता और फिटनेस को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां बृहस्पतिवार को ‘फिट इंडिया’ आंदोलन का शुभारंभ किया और कहा कि ‘स्वच्छ भारत’ अभियान की तरह ही इसे भी देश के कोने-कोने में पहुंचाकर जन आंदोलन बनाना होगा।

राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर खचाखच भरे इंदिरा गांधी स्टेडियम में मोदी ने कहा, ‘‘आज का दिन युवा खिलाड़ियों को बधाई देने का दिन है जो दुनिया के मंच पर तिरंगे का परचम लहरा रहे हैं। बैडमिंटन हो, टेनिस, एथलेटिक्स या कुश्ती हो, भारतीय खिलाड़ियों का पदक उनकी तपस्या का परिणाम तो है ही, साथ ही यह नए भारत के नए जोश और नए आत्मविश्वास का भी पैमाना है।’’ 

उन्होंने आगे कहा कि खेल का सीधा नाता फिटनेस से है। लेकिन आज जिस Fit India Movement की शुरुआत हुई है, उसका विस्तार Sports से भी आगे बढ़कर है।  Fitness एक शब्द नहीं है बल्कि स्वस्थ और समृद्ध जीवन की एक जरूरी शर्त है, समय कैसे बदला है, उसका एक उदाहरण मैं आपको देता हूं। कुछ दशक पहले तक एक सामान्य व्यक्ति एक दिन में 8-10 किलोमीटर पैदल चल ही लेता था।  फिर धीरे-धीरे टेक्नोलॉजी बदली, आधुनिक साधन आए और व्यक्ति का पैदल चलना कम हो गया।

उन्होंने आगे शारीरिक व्यायम पर ज्यादा जोर देते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी ने हमारी ये हालत कर दी है कि हम चलते कम हैं और अब वही टेक्नोलॉजी हमें गिन-गिन के बताती है कि आज आप इतने steps चले, अभी 5 हजार Steps नहीं हुए, 2 हजार Steps नहीं हुए, अभी और चलिए।

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत में diabetes, hypertension जैसी अनेक lifestyle diseases बढ़ती जा रही हैं। अपने आसपास देखिए, तो आपको अनेक लोग इनसे पीड़ित मिल जाएंगे। पहले हम सुनते थे कि 50-60 की उम्र के बाद हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है, अब 35-40 साल के युवाओं को हार्ट अटैक आ रहा है

गौरतलब है कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जन्मदिन राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

‘‘फिट इंडिया’’ आंदोलन को स्वस्थ भारत की दिशा में एक कदम बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘फिट इंडिया का विस्तार खेलों से आगे तक करना होगा। हमारी संस्कृति और शास्त्रों में भी फिटनेस पर जोर दिया गया है और हमें फिटनेस को परिवार की, समाज की और देश की सफलता का मानक बनाना पड़ेगा। मैं फिट तो ‘इंडिया फिट’ और ‘बॉडी फिट’ तो ‘माइंड फिट’ को जीवन का मूलमंत्र बनाना होगा।’’ 

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