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PM मोदी ने किया 15 वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन, बोले- दुनिया हमारी बातों को गंभीरता से ले रही है

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मंगलवार को 15 वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन किया. उन्होंने इसके बाद कार्यक्रम  को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे पहले आप सभी का बहुत-बहुत अभिनंदन, बहुत-बहुत स्वागत है. आप सभी, यहां अपनी, अपने पूर्वजों की मिट्टी की महक से खिंचे चले आए हैं. कल जिन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान मिलने वाला है, उन्हें मैं अपनी ओर से अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं:

पीएम मोदी ने आज के दिन को खास बताते हुए कहा कि आज का दिन मेरे लिए भी विशेष है. मैं यहां आपके सामने प्रधानमंत्री के साथ-साथ काशी का सांसद होने के नाते, एक मेज़बान के रूप में भी उपस्थित हुआ हूं. बाबा विश्वनाथ और मां गंगा का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहे, मेरी यही कामना है:

उन्होंने आगे प्रसिद्ध लिंगायत संत शिवकुमार स्वामीजी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आज आपसे अपनी बात शुरू करने से पहले, मैं डॉक्टर श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामी जी के निधन पर अपना शोक व्यक्त करना चाहता हूं. टुमकूर के श्री सिद्धगंगा मठ में, मुझे कई बार उनसे आशीर्वाद लेने का अवसर मिला था.  जब भी उनसे मिलता था, वो बेटे की तरह अपना स्नेह मुझ पर दिखाते थे. ऐसे महान संत, महाऋषि का जाना, हम सभी के लिए बहुत दुखद है. मानव कल्याण के लिए उनके योगदान को देश हमेशा याद रखेगा.

इसके आगे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेयी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि दुनियाभर में बसे आप सभी भारतीयों से संवाद का ये अभियान हम सभी के प्रिय श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने शुरु किया था. अटल जी के जाने के बाद ये पहला प्रवासी भारतीय सम्मेलन है. इस अवसर पर मैं अटल जी को भी श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं, उनकी इस विराट सोच के लिए नमन करता हूं

उन्होंने आगे कहा कि आप काशी में हैं, इसलिए मैं काशी और आप सभी में एक समानता देख रहा हूं. बनारस नगरी चिरकाल से भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ज्ञान की परंपरा से दुनिया में देश का परिचय कराती रही है. आप अपने दिलों में भारत और भारतीयता को संजोए हुए, इस धरती की ऊर्जा से दुनिया को परिचित करा रहे हैं.
 
पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं आपको भारत का ब्रैंड एंबेसेडर मानने के साथ ही भारत के सामर्थ्य और भारत की क्षमताओं, देश की विशेषताओं का प्रतीक भी मानता हूं.

पढ़ें पीएम के भाषण की कुछ ओर महत्तवपूर्ण बातें

  • मैं इस मंच पर पहले भी कह चुका हूं, आज फिर दोहराना चाहता हूं कि आप जिस भी देश में रहते हैं, वहां से अपने आसपास के कम से कम 5 परिवारों को भारत आने के लिए प्रेरित करिए. आपका ये प्रयास, देश में टूरिज्म बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा
  • बदलते हुए इस भारत में आप रिसर्च एंड डेवलपमेंट और Innovation में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. सरकार ये भी कोशिश कर रही है कि भारत के Start-ups और NRI Mentors को एक साथ, एक प्लेटफॉर्म पर लाए. डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग भी आपके लिए एक अहम सेक्टर हो सकता है
  • आप में अनेक इस बात से भी परिचित होंगे कि हमारी सरकार ने PIO Cards को OCI Cards में बदलने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है
  • पासपोर्ट के साथ-साथ वीज़ा से जुड़े नियमों को भी सरल किया जा रहा है. e-VISA की सुविधा मिलने से आपके समय की बचत भी हो रही है और परेशानियां भी कम हुई हैं. अभी भी अगर कोई समस्याएं इसमें हैं तो उसके सुधार के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं
  • दुनियाभर में हमारी Embassies और Consulates को पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट से जोड़ा जा रहा है. इससे आप सभी के लिए पासपोर्ट सेवा से जुड़ा एक Centralized System तैयार हो जाएगा. बल्कि अब तो एक कदम आगे बढ़ते हुए चिप बेस्ड e-Passport जारी करने की दिशा में भी काम चल रहा है
  • आपकी सोशल सिक्योरिटी के साथ-साथ पासपोर्ट, वीज़ा, PIO और OCI कार्ड को लेकर भी तमाम प्रक्रियाओं को आसान करने का प्रयास सरकार कर रही है. प्रवासी भारतीयों के लिए कुछ महीने पहले ही एक नया कदम भी उठाया गया है
  • सरकार का पूरा प्रयास है कि आप सभी जहां भी रहें सुखी रहें और सुरक्षित रहें. बीते साढ़े 4 वर्षों के दौरान संकट में फंसे दो लाख से ज्यादा भारतीयों को सरकार के प्रयासों से मदद मिली है
  • भारत के गौरवशाली अतीत को फिर स्थापित करने के लिए 130 करोड़ भारतवासियों के संकल्प का ये परिणाम है. और मैं आज बहुत गर्व से कहना चाहता हूं कि इस संकल्प में आप भी शामिल हैं
  • लेकिन ये 7 करोड़ लोग सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे थे. आप सोचिए, पूरे ब्रिटेन में, फ्रांस में, पूरे इटली में जितने लोग हैं, ऐसे अनेक देशों की जनसंख्या से ज्यादा तो हमारे यहां वो लोग थे, जो सिर्फ कागजों में जी रहे थे और कागजों में ही सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे थे
  • मैं आपको एक और आंकड़ा देता हूं. पिछले साढ़े चार साल में हमारी सरकार ने करीब-करीब 7 करोड़ ऐसे फर्जी लोगों को पहचानकर, उन्हें व्यवस्था से हटाया है. ये 7 करोड़ लोग वो थे, जो कभी जन्मे ही नहीं थे, जो वास्तव में थे ही नहीं
  • ये कार्य पहले भी हो सकता था, लेकिन नीयत नहीं थी, इच्छाशक्ति नहीं थी. हमारी सरकार अब उस रास्ते पर चल रही है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली हर मदद डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम के तहत सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाए
  • अब आप अंदाजा लगाइए, अगर देश पुराने तौर तरीकों से ही चल रहा होता, तो आज भी इस 5 लाख 78 हजार करोड़ रुपए में से 4 लाख 91 हजार करोड़ रुपए लीक हो रहा होते. अगर हम व्यवस्था में बदलाव नहीं लाए होते ये राशि उसी तरह लूट ली जाती, जैसे पहले लूटी जाती थी
  • किसी को घर के लिए, किसी को पढ़ाई के लिए, किसी को स्कॉलरशिप के लिए, किसी को गैस सिलेंडर के लिए, किसी को अनाज के लिए, ये राशि दी गई है
  • बीते साढ़े चार वर्षों में 5 लाख 78 हजार करोड़ रुपए यानि करीब-करीब 80 बिलियन डॉलर हमारी सरकार ने अलग-अलग योजनाओं के तहत सीधे लोगों को दिए हैं, उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए हैं
  • हमने टेक्नोल़ॉजी का इस्तेमाल करके इस 85 प्रतिशत की लूट को 100 प्रतिशत खत्म कर दिया है
  • लेकिन अफसोस ये रहा कि बाद के अपने 10-15 साल के शासन में भी इस लूट को, इस लीकेज को बंद करने का प्रयास नहीं किया गया. देश का मध्यम वर्ग ईमानदारी से टैक्स देता रहा, और जो पार्टी इतने सालों तक सत्ता में रही, वो इस 85 प्रतिशत की लूट को देखकर भी अनदेखा करती रही
  • इतने वर्ष तक देश पर जिस पार्टी ने शासन किया, उसने देश को जो व्यवस्था दी थी, उस सच्चाई को उन्होंने स्वीकारा था
  • आप में से अनेक लोगों ने हमारे देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री की भ्रष्टाचार को लेकर कही एक बात जरूर सुनी होगी. उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार दिल्ली से जो पैसा भेजती है, उसका सिर्फ 15 प्रतिशत ही लोगों तक पहुंच पाता है
  • आज इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े और आधुनिक संसाधन बन रहे हैं तो स्पेस के क्षेत्र में भी रिकॉर्ड बना रहे हैं:
  • आज भारत दुनिया की तेज़ी से बढ़ती इकोनॉमिक ताकत हैं तो स्पोर्ट्स में भी हम बड़ी शक्ति बनने की तरफ निकल पड़े हैं
  • ये हमारे उस लक्ष्य का भी हिस्सा है जिसके तहत हम भारत की समस्याओं के ऐसे समाधान तैयार कर रहे हैं, जिनसे दूसरे देशों की मुश्किलें भी हल हो सकें. Local Solution, Global Application की अप्रोच के साथ हम काम कर रहे हैं
  • आज भारत अनेक मामलों में दुनिया की अगुवाई करने की स्थिति में है. इंटरनेश्नल सोलर अलायंस यानि आइसा ऐसा ही एक मंच है. इसके माध्यम से हम दुनिया को One World, One Sun, One Grid  की तरफ ले जाना चाहते हैं
  • दुनिया आज हमारी बात को, हमारे सुझावों को पूरी गंभीरता के साथ सुन भी रही है और समझ भी रही है. पर्यावरण की सुरक्षा और विश्व की प्रगति में भारत के योगदान को दुनिया स्वीकार कर रही है
  • आप सभी के सहयोग से बीते साढ़े 4 वर्षों में भारत ने दुनिया में अपना स्वभाविक स्थान पाने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है. पहले लोग कहते थे कि भारत बदल नहीं सकता. हमने इस सोच को ही बदल दिया है. हमने बदलाव करके दिखाया है:
  • इसके अलावा पुर्तगाल, त्रिनिदाद-टोबैगो और आयरलैंड जैसे अनेक देशों को भी ऐसे सक्षम लोगों का नेतृत्व मिला है जिनकी जड़ें भारत में हैं:
  • आप सभी जिस देश में बसे हैं, वहां समाज के लगभग हर क्षेत्र में लीडरशिप के रोल में दिखते हैं. मॉरिशस को श्री प्रविंद जुगनाथ जी पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ा रहे हैं
  • इसलिए ही आप अभी जिस देश में रह रहे हैं, वहां के समाज को भी आपने अपनापन दिया है, वहां की संस्कृति और अर्थव्यवस्था को समृद्ध किया है. आपने वसुधैव कुटुंबकम के भारतीय दर्शन का, हमारे पारिवारिक मूल्यों का विस्तार किया है
  • मैं आपको भारत का ब्रैंड एंबेसेडर मानने के साथ ही भारत के सामर्थ्य और भारत की क्षमताओं, देश की विशेषताओं का प्रतीक भी मानता हूं

इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सोमवार को युवा प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन किया और कहा कि प्रवासी भारतीयों ने भारत और भारतीयों के बारे में दुनिया की धारणा को नाटकीय रूप से बदला है.

मॉरीशस के प्रधानमंत्री जगन्नाथ सोमवार दोपहर को वारणसी पहुंचे और विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह ने उनकी अगवानी की. बाद में विदेश मंत्री स्वराज ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग को प्रगाढ़ करने समेत विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया. 

ऐसा पहली हुआ, जब यह तीन दिवसीय कार्यक्रम नौ जनवरी के बजाय 21 से 23 जनवरी को आयोजित किया जा रहा है, ताकि इस कार्यक्रम में पहुंचे लोग इलाहाबाद के कुंभ मेले में जा पाएं और यहां गणतंत्र दिवस परेड भी देख सकें.

प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार इस साल के प्रवासी भारतीय दिवस का विषय ‘नये भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका’ है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 23 जनवरी को समापन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे.

गौरतलब है कि प्रवासी भारतीय दिवस मनाने का फैसला 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था और पहला कार्यक्रम उस साल नौ जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुआ था.

इस कार्यक्रम के लिए नौ जनवरी का चयन इसलिए किया गया था क्योंकि 1915 में इसी दिन महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे.

बयान के अनुसार प्रवासी भारतीय दिवस अब हर दो साल पर मनाया जाता है. यह प्रवासी भारतीयों को अपनी जड़ों से फिर से जुड़ने के लिए एक मंच प्रदान करता है.
 

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