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कांग्रेस के घोषणापत्र को PM मोदी ने बताया 'झूठ का पुलिंदा' कहा- ''उनके ‘ढकोसला पत्र’ में देखिए, नॉर्थ ईस्ट कहां होता है?''

Written By Ayush Sinha | Mumbai | Published:

सत्ता के महामुकाबले के लिए चुनावी रण पर जुबानी जंग जारी है। सभी सियासतदान अपनी एड़ी-चोटी का जोर लगाने में जुटे हुए हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश से एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के घोषणापत्र को ढकोसलापत्र करार दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र को ‘पाखंड से भरा झूठ का पुलिंदा’ बताया।

कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र जारी करने को लेकर प्रधानमंत्री ने निशाना साधा और उसमें शामिल कई मुद्दों को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया।

पीएम ने कहा, ''2004 के अपने ढकोसलापत्र में इन्होंने 2009 तक देश के हर घर तक बिजली पहुंचाने का वादा किया था। इसके लिए बाकायदा एक प्रोग्राम भी बनाया गया लेकिन काम पूरा नहीं हुआ।''

उन्होंने कहा कि साल 2009 में फिर इनका एक और ढकोसलापत्र आया। पहले के वादे का क्या हुआ ये नहीं बताया। फिर 2014 का चुनाव आया और फिर एक वादा कर डाला कि शहरों में 100 प्रतिशत बिजली देंगे और गांवों में बिजली 90 प्रतिशत तक पहुंचाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने सीधे तौर पर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जो तिरंगे झंडे को जलाते हैं, उसका अपमान करते हैं, जो आपकी तरह ‘जय हिंद’ नहीं, भारत तेरे टुकड़े होंगे का नारा लगाते हैं, जो विदेशी ताकते हाथों में खेलते हैं, जो हमारी विरासत का अपमान करते हैं, जो बाबा साहेब की मूर्तियां तोड़ते हैं, ऐसे लोगों से भी कांग्रेस को सहानुभूति है।

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि इनके झूठे वादों की स्थिति ये थी कि अरुणाचल और नॉर्थ ईस्ट के 1800 से अधिक गांव और देश के 3 करोड़ से अधिक परिवार 2014 में अंधेरे में जीने के लिए मजबूर थे। आपके इस चौकीदार ने हज़ार दिन के भीतर बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा और हज़ार दिन के भीतर वादे को पूरा किया।

पीएम मोदी ने आगे कहा, ''इतना ही नहीं कांग्रेस ने देश में अलगाववाद बढ़ाने के लिए, हिंसा को प्रोत्साहन देने के लिए, देश को गाली देने वालों को प्रोत्साहन देने की भी एक योजना बनाई।''

प्रधानमंत्री ने कहा कि यही कांग्रेस की हकीकत है, यही नामदारों की असलियत है। उनके लिए वोटबैंक ही सबकुछ है। यही कारण है कि इतने वर्षों तक अरुणाचल और नॉर्थ ईस्ट को उन्होंने भुला दिया था।

आगे उन्होंने बोला कि उनके ‘ढकोसला पत्र’ में देखिए, नॉर्थ ईस्ट कहां होता है? उनके बजट उठाकर देख लीजिए, नॉर्थ ईस्ट को वो कितना स्पेस देते थे, आपकी आवश्यकताओं को कितना सम्मान देते थे? ये कांग्रेस ही है जिसने नॉर्थ ईस्ट को ना तो दिल में जगह दी और ना ही दिल्ली में।

गौरतलब है कि राज्य में लोकसभा और विधानसभा के लिए मतदान एक ही दिन 11 अप्रैल को होना है।

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