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मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक को राजनीतिक ‘संपत्ति’ बनाया : राहुल गांधी

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए शनिवार को कहा कि उन्होंने एक ‘सैन्य फैसले’ को भी ‘राजनीतिक संपत्ति’ बना दिया जबकि यही काम पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह सरकार ने भी तीन बार किया था . 

इसके साथ ही राहुल ने नोटबंदी को ऐसा घोटाला बताया जिसका उद्देश्य छोटे कारोबारियों और दुकानों की रीढ़ तोड़ना था और कहा कि मोदी युवाओं को रोजगार देने के मामले में पूरी तरह विफल रहे हैं.

राज्य के चुनावी दौरे पर आये राहुल ने सुबह उदयपुर में संवाद कार्यक्रम में भाग लिया. इसके बाद उन्होंने चित्तौड़गढ़ से लेकर भीलवाड़ा और राजस्थान के दूसरे सिरे पर हनुमानगढ़ में चुनावी सभाओं को संबोधित किया. 

अपनी सभाओं में राहुल ने युवाओं की बेरोजगारी तथा खेतीबाड़ी पर संकट को मुख्य मुद्दा बनाया. उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस सरकार किसानों का कर्ज दस दिन में माफ करेगी तथा उसका मुख्यमंत्री युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए 'दिन रात एक कर देगा.' 

उदयपुर में सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,‘‘ प्रधानमंत्री ने सेना के अधिकार क्षेत्र (डोमेन) में घुसते हुए उनकी सर्जिकल स्ट्राइक को राजनीतिक संपत्ति (एसेट) में बदल दिया जबकि वास्तव में यह एक सैन्य फैसला था.’’ 

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनावों में हार सामने दिखी तो मोदी ने एक ‘सैन्य संपत्ति को राजनीतिक संपत्ति’ में बदल दिया .  उन्होंने कहा,‘‘ क्या आपको पता है कि मनमोहन सरकार के दौरान भी तीन बार सर्जिकल स्ट्राइक किये गए थे . ’ 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट रुख है,‘‘हम सैन्य मामलों में सेना की सुनते हैं, उनकी मानते है जबकि राजनीतिक मामलों में उसे प्रवेश की अनुमति नहीं देते. ’’  राहुल ने मोदी पर तंज कसते हुए कहा,‘‘प्रधानमंत्री को लगता है कि दुनिया का सारा ज्ञान उनके ही दिमाग से आता है और बाकी दुनिया को कुछ नहीं मालूम. ' 

उन्होंने आगे कहा, ‘ हिंदुत्व का सार क्या है? गीता में क्या लिखा है .... कि ज्ञान चातुर्दिक है, हर जीव के पास ज्ञान है। हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि मैं हिंदू हूं.  लेकिन जो हिंदुत्व की नींव है उसको (वे) नहीं समझते. किस प्रकार के हिंदू हैं? यही विरोधाभास है.’ 

बैंकों की ‘गैर निष्पादित आस्तियों’ (एनपीए) को लेकर उन्होंने कहा, ‘‘संप्रग सरकार ने जब मोदी जी को सरकार सौंपी तब एनपीए दो लाख करोड़ रुपये था जो चार साल में बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये हो गया है.’’ 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी को लेकर हिंदुस्तान की जनता ‘भ्रमित’ है .  उन्होंने कहा, ‘नोटबंदी एक घोटाला था और इसका लक्ष्य सूक्ष्म व लघु कारोबार की, दुकानदारों की रीढ तोड़ना था क्योंकि इससे अमेजन और रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों के लिए रास्ते खुल जाएंगे. ’’ 

उन्होंने कहा कि भारत बेरोजगारी की गंभीर समस्या से दोचार है और प्रधानमंत्री किसी एक मुद्दे पर बुरी तरह विफल हुए हैं तो वह है युवाओं के लिए रोजगार सृजित करने का मुद्दा.

चित्तौड़गढ़ में केंद्र की भाजपा सरकार पर देश के कुछ बड़े उद्योगपतियों का लाखों करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने व किसानों को जरा सी भी राहत नहीं देने का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा,‘ मोदी दो हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं. एक किसानों का, मजदूरों का व छोटे दुकानदारों का और दूसरा हिंदुस्तान अनिल अंबानी, मेहुल चोकसी व नीरव मोदी और विजय माल्या का... और हमें यह मंजूर नहीं। एक झंडा है, एक हिंदुस्तान होगा. ’ 

भीलवाड़ा में राहुल ने देश में बेरोजगारी के लिए प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जीएसटी और नोटबंदी के चलते लाखों लोग बेरोजगार हो गए.  उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेरोजगारी, खेतीबाड़ी, उद्योगों तथा छोटे मोटे व्यापारियों के सामने खड़े संकट के समाधान के लिए मिलकर काम करना चाहती है.

इन कार्यक्रमों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट व पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे भी उनके साथ रहे। कांग्रेस नेता रैली में उमड़ी भीड़ से उत्साहित दिखे.

( इनपुट- भाषा से )

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