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पीएम मोदी ने कुलभूषण जाधव मामले में ICJ के फैसले का किया स्वागत, कहा- 'हर भारतीय को बचाएंगे'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया कि पाकिस्तान को भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को सुनाई गयी फांसी की सजा पर फिर से विचार करना चाहिए। इसे भारत के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईसीजे के इस फैसले का स्वगात किया। उन्होंने ट्वीट कहा कि आईसीजे के फैसले का हम स्वागत करते हैं।  सत्य और न्याय की हमेशा रक्षा होनी चाहिए।

पीएम मोदी ने आगे लिखा कि 'आईसीजे को इस निर्णय के लिए बधाई , क्योंकि इस पर फैसला करने के लिए तथ्यों का अध्ययन करना पड़ा होगा।  मुझे विश्वास है कि कुलभूषण जाधव को न्याय मिलेगा। हमारी सरकार, भारत के हर नागरिक की सुरक्षा और देखभाल के लिए हमेशा काम  करेगी। हर भारतीय को बचाया जाएगा।'


वहीं आईसीजे के इस फैसले पर पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज ने भी ट्वीट कर कहा कि यह भारत के लिए बड़ी जीत है।  उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के इस फैसले का सम्मान करती हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि मैं पीएम नरेंद्र मोदी को भी शुक्रिया कहती हूं. उन्हीं के नेतृत्व में कुलभूषण जाधव के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय न्यायलय के सामने उठाया गया।


इधर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आईसीजे के फैसले पर कहा, 'भारत के लिए यह बड़ी कूटनीतिक जीत है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और हरीश साल्वे को बधाई देता हूं। इन्होंने ही आईसीजे के सामने इस मुद्दे को ठीक ढंग से रखा, और साबित किया कि कुलभूषण निर्दोष हैं। हम चाहते हैं कि मां भारती का बेटा अपने देश वापस आए।''

बता दें कि भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव (49) को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में बंद कमरे में सुनवाई के बाद जासूसी और आतंकवाद के आरोपों पर फांसी की सजा सुनाई थी। इस पर भारत में काफी गुस्सा देखने को मिला था।

आज फैसले को पढ़ते हुए अदालत के अध्यक्ष जज अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने कुलभूषण सुधीर जाधव को दोषी ठहराये जाने और सजा पर फिर से विचार करने का आदेश दिया।

आईसीजे के जज यूसुफ के नेतृत्व में 15 सदस्यीय पीठ ने भारत और पाकिस्तान की मौखिक दलीलों को सुनने के बाद 21 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। मामले की कार्यवाही पूरी होने में दो साल दो महीने का समय लगा।

भारत ने जाधव तक बार-बार कंसुलर एक्सेस नहीं मिलने पर पाकिस्तान द्वारा वियना समझौते के प्रावधानों का जबरदस्त उल्लंघन करने के लिए आठ मई, 2017 को आईसीजे का रुख किया था। 

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