PIC Credit- @adgpi
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शहीद सैनिक के भावुक पिता को हौसला देते हुए वायरल हो रही इस सेना के जवान की फोटो...

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

अपने फर्ज को निभाते हुए देश के लिए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले के एक फौजी के पिता को सांत्वना देने वाले एक सेना अधिकारी की वायरल तस्वीर को जिसने भी देखा वो खुद को भावुक करने से नहीं रोक पाया. दरअसल दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में एक मुठभेड़ के दौरान वानी शहीद हो गये जिसमें छह आतंकवादी भी मारे गये थे.

आतंकवादियों के साथ मुठभेंड़ के दौरान दो बार सेना पदक के विजेता शहीद हो गए थे. कुल्लम के निवासी, अहमद प्रादेशिक सेना (Territorial Army /TA)   के साथ थे लेकिन रविवार को 34 राष्ट्रीय राइफल्स के साथ काम कर रहे थे. 

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि वानी शुरूआत में एक आतंकवादी था और हिंसा की निरर्थकता महसूस करने के बाद वह सेना में शामिल हो गया.
अधिकारी ने बताया, ‘‘परिवार के आंसू रूक नहीं रहे हैं और उन्हें इस बात का गौरव है कि लांस नायक वानी के देश और अपने राज्य की शांति के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया.’
  
वानी के  सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करते हुए भारतीय सेना के एडीजीपीआई ने अपने अधिकारिक ट्वीटर हैंडल से शहीद के अतिंम संस्कार के दौरान भावुक करने वाल तस्वीर साझा की. जिसके साथ उन्होंने लिखा कि वो अकेले नहीं है.

जिसके बाद सोशल मीडिया पर तस्वीर को देखकर लोगों की भावनाओं उमाड़ पड़ी.. आप भी देखें ..


बता दें, चक अशमुजी गांव के निवासियों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले लांस नायक नजीर अहमद वानी को सोमवार को अश्रुपूर्ण विदाई दी. रीति-रिवाजों के बाद शव को दफनाने के लिए नजदीक के एक कब्रगाह ले जाया गया जहां 500 से 600 ग्रामीण मौजूद थे. वानी को सुपुर्द ए खाक करते समय 21 तोपों की सलामी दी गई.

गांव कोनिमूह जैसे इलाकों से घिरा हुआ है जो आतंकवादी गतिविधियों के लिए कुख्यात है. मौत पर शोक जताने के लिए उनके आवास पर ग्रामीण सोमवार सुबह से जमा होने लगे थे. वानी 2004 में प्रादेशिक सेना की 162 वें बटालियन में शामिल हुआ था.

रविवार को हुई मुठभेड़ के दौरान शहीद होने वाले वानी के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं. बच्चों की उम्र 20 और 18 साल है.

 

 



 

 



 

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