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नीतीश सरकार का सबसे बड़ा स्टिंग: पटना में जल प्रलय का काला सच- बारिश ने नहीं सिस्टम ने डुबोया

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

बिहार में बारिश और भीषण बाढ़ का दौर अभी जारी है। राज्‍य की राजधानी पटना की ज्‍यादातर सड़कों पर अभी पानी भरा हुआ है। यहां प्रलय के मंजर को यादकर पटना के लोग पांच दिन बाद भी सिहर उठते हैं। सुशासन बाबू ने शहर का सीधे मौत से सामना करवा दिया। डूबो दिया हंसते खेलते शहर को। चार दिन की बारिश और पटना में प्रलय। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्यों सरकार ने जान बूझकर लोगों को मौत के मुंह में धकेल दिया।

इन्हीं सवालों का जवाब पाने की कोशिश करते हुए R भारत की SIT टीम ने पहली बार बिहार सरकार का स्टिंग किया । वो स्टिंग जिसमें नीतीश कुमार की नीयत साफ झलकती है। हम पहली बार आपके सामने पेश करेंगे सबूत आखिर किसने पटना को डूबने के लिए मजबूर किया। हम आपको पहली बार सुनाएंगे उन्ही लोगों की जुबानी पटना के डूबने की कहानी। जिनपर पटना को बचाने की जम्मेदारी थी। 

R भारत की SIT टीम के खुफिया कैमरे में पटना नगर निगम के बड़े अधिकारियों और शहर के पार्षदों का कबूलनामा है। R. भारत की पॉलिटिकल SIT प्रमुख अमित चौधरी से बात करते हुए आला अधिकारियों ने खुफिया कैमरे में पटना के डूबने का पूरा सच कबूला। इस स्टिंग में नीतीश सरकार के 15 साल निकम्मेपन का काला चिट्ठा कैद है जो ये बता रहा है कि कैसे पटना को नीतीश कुमार ने डुबो दिया। विकास के नाम पर पटना को गटर बना दिया।   

देखिए सोचिए और विचार कीजिए क्या ऐसी सरकार को राज करने का हक है? क्या ऐसे मुख्यमंत्री को शासन करने का हक है? क्यों नहीं नीतीश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए? आखिर क्यों नहीं नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी से उतार देना चाहिए? आखिर क्यों नहीं लाखो करोड़ों लोगों से छल करने के लिए नीतीश कुमार को सत्ता से उतार देना चाहिए? 


बिहार के लोगों से सबसे बड़ी साजिश

पटना में प्रलय आया तो नीतीश ने अपनी नाकामी का दोष ग्रह नक्षत्र पर मढ़ दिया लेकिन पटना क्यों डूबा वो सच आज R.भारत दुनिया को दिखा रहा है। 

 राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना - यहां पर नाला का कोई मैप नहीं है

रिपोर्टर- अच्छा ब्लूप्रिंट नहीं है नाले का पूरे सिटी का?

राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना - नहीं है

रिपोर्टर- तो पता कैसे चलेगा, कहां नाला है, कहां जाम है?

राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना - अस्तव्यस्त है, ठीक-ठाक नहीं है

राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना- जितना नाला मौजूद है, उस पर बड़ी-बड़ी सड़क बन गई

पटना को पेरिस बनाने के चक्कर में कंक्रीट का जंगल बना दिया है नीतीश कुमार ने। नियमों की धज्जियां उड़ाई गई। 

 राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना - पटना की 95% सड़क है वो दूसरे विभाग के द्वारा बनाई गई है। उसको विशेष अधिकार नहीं है कि कहां मैनहोल होना चाहिए, कहां क्या होना चाहिए.बनाया भागा. अब जो 20 फीट का नाला है, उसकी सफाई तो हो नहीं पाएगी. बिना सड़क को तोड़े हुए

राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना- पहले जहां इंडिपेंडेंट हाउस था, पहले जहां खेती होती था वहां अब सब जगह अपार्टमेंट बन गया है। ड्रेनेज सिस्टम उसी के लायक है। पांच आदमी के लायक है 5000 आदमी हो गया।

रिपोर्टर- तो सरकार ने 5000 क्यों होने दिया? NOC क्यों दिया, निगम का काम है चैक करे

राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना - NOC की क्या जरुरत है? अपार्टमेंट बनाइयेगा, इतना कानून है, जरुरी है कि माने?

हमारे खुफिया कैमरे में कैद जिस शख्स को आप सुन रहे हैं वो पटना नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर हैं..राकेश कुमार झा। कंकड़बाग में राहत के काम में जुटे डिप्टी कमिश्नर पटना में प्रलय के पीछे की वजह जब बताने लगे तो नीतीश के कुशासन की परतें खुलने लगीं। 

राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना - दूसरा कारण है जितना सम्प हाउस है, 20-25 साल पहले का है

रिपोर्टर- बना हुआ है

डिप्टी सेक्रेटरी, बिहार सरकार- लेवल का भी नहीं है

राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना - ये एक समय के लिए बना हुआ है, आज अप्रांसगिक है

डिप्टी सेक्रेट्री, बिहार सरकार- वो भी नीचे है सड़क ऊपर हो गई है

राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना - अप्रांसगिक है मतलब कोई पानी में ही डूब रहा है। कोई था 5 HP का, उस समय के लिए था 20 साल के लिए

करीब 15 साल से नीतीश कुमार पटना में बैठकर सरकार चला रहे हैं। विकास के नाम पर शहर कंक्रीट के जंगल में तब्दील होता गया-- लेकिन शहर से गंदगी और पानी की निकासी के बारे में किसी ने नहीं सोचा।  बिना ड्रेनेज सिस्टम के ही बिल्डरों ने ऊंची ऊंची इमारते खड़ी कर दीं। सरकारी अफसर भ्रष्टाचार में लगे रहे और खुलकर नियमों की धज्जियां उड़ाते रहे।

राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना - बड़ी बात ये है कि 95% जो सड़क बनी है किसी का NOC निगम से नहीं लिया गया है

राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना- कम्पलीशन  सर्टिफिकेट निगम देती है, पटना में कई बिल्डर के पास किसी भी अपार्टमेंट का कम्पलीशन सर्टीफिकेट नहीं है

रिपोर्टर- NOC भी नहीं है?

राकेश कुमार झा, डिप्टी कमिशनर, पटना - परमिशन है लेकिन कम्पलीशन सर्टिफिकेट नहीं है

रिपोर्टर- बिना कम्पलीशन सर्टिफिकेट के इनको बिजली-पानी का कनेक्शन क्यों मिल जाता है?

पटना नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर ने जो बताया उससे ये तो साफ हो गया है कि पटना को हथिया नक्षत्र ने नहीं नीतीश कुमार ने खुद डुबोया है। आज पूरा देश नवरात्र का त्यौहार मना रहा है और पटना के लोग त्राहिमाम कर रहे हैं। कंकड़बाग और राजेन्द्र नगर जैसे इलाके के लोग गटर का नर्क झेलने को मजबूर हैं। 

रिपब्लिक भारत के स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम के प्रमुख अमित चौधरी की रिपोर्ट

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