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SCO Summit में पैर पर पैर चढ़ा कर बैठे रहे पाक पीएम इमरान खान जबकि दुनिया भर के नेता शिष्टाचार के तहत खड़े रहे- देखें VIDEO

Written By Amit Bajpayee | Mumbai | Published:

किर्गिस्‍तान के बिश्‍केक में आयोजित दो दिवसीय एससीओ सम्‍मेलन के दौरान अपनी हकरतों की वजह से पाक पीएम इमरान खान का पूरी दुनिया में मज़ाक उड़ रहा है। यहां बिश्केक में चल रहे शांघाई सहयोग संगठन का एक वीडियो सामने आया है जिसमें दुनिया भर के नेता कूटनीतिक शिष्टाचार के तहत खड़े हुए हैं लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान सीट पर बैठे हुए हैं। 

दरअसल, इमरान खान की राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने बिश्केक में चल रहे SCO Summit के उद्घाटन समारोह का एक वीडियो ट्वीट किया है। जिसमें दुनिया भर के नेता कूटनीतिक शिष्टाचार के तहत खड़े हुए हैं और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सबका स्वागत किया लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान अपने सीट पर बैठे हुए हैं। 

दुनिया के बड़े बड़े नेता, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, ब्लादिमीर पुतिन, शी जिनपिंग, सबके सब खड़े थे लेकिन इमरान खान बैठे ही रहे। अब इमरान खान कितने कन्फ्यूज्ड हैं, उसकी बानगी देखिए। जैसे ही इमरान को कोने वाली जगह मिली उन्हें समझ ही नहीं आया कि वो क्या करें। एक बार वो खड़े भी हुए, अभिवादन के लिए झुके भी लेकिन न तो किसी ने उनका जवाब दिया और न ही उनकी तरफ देखा। निराश और हताश इमरान चुपचाप बैठ गये।

यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक मंच पर खुद को शार्मिंदा किया। इस साल 3 जून को इमरान खान ने सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सामने अपनी भद्द पिटवा ली। 

दरअसल दोनों नेता सऊदी के मक्का में अरब राष्ट्र के OIC शिखर सम्मेलन के लिए मिले थे। इस दौरान किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज द्वारा पवित्र शहर मक्का पहुंचने पर इमरान खान की अगवानी की थी, जिसमें खान ने किंग से बिना अलविदा कहे दुभाषिये तरीके से चले गए ।


बता दें किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रही दो दिवसीय शंघाई समिट का आज आखिरी दिन है। भारत पहले ही कह चुका है कि एससीओ समिट के दौरान मोदी और इमरान की बैठक का कोई कार्यक्रम नहीं है। इमरान पहले ही मोदी को पत्र लिखकर बातचीत की मांग कर चुके हैं।

पीएम मोदी ने एससीओ में पाक को लताड़ते हुए कहा कि ''पिछले दिनों श्रीलंका दौरे पर आतंकवाद का घिनौना चेहरा सामने आया। सभी मानवतावादी शक्तियों को इससे निपटने के लिए एकजुट होना होगा और आतंकवाद को पालने वाले देशों की फंडिंग बंद करनी चाहिए।'' 

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