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कैलाश विजयवर्गीय के पोहा वाले बयान पर छिड़ी बहस, ओवैसी ने कहा - 'मजदूर हलवा खाएं, तभी भारतीय कहा जाएगा'

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

भाजपा महासचिव कैलाश विजय वर्गीय ने गुरुवार को सनसनीखेज दावा किया कि उनके घर के निर्माण कार्य में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। विजयवर्गीय ने सामाजिक संघटने के कार्यक्रम में संशोधित नागरिकता कानून की जमकर पैरवी करते हुए दावा कि कि उनके घर में नये कमरे के निर्माण के दौरान उन्हें छह-सात मजदूरों के खान - पान का तरीका थोड़ा अजीब लगा,  क्योंकि वे भोजन में केवल पोहा खा रहे थे 


उन्होंने कहा कि पोहा खाते देखकर पहचाना बांग्लादेशी, थाली भर पोहा साथ खा रहे थे कई मजदूर। कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक- 1 साल से एक बांग्लादेशी आतंकी रेकी कर रहा था । कैलाश विजय वर्गीय के मुताबिक- सुरक्षा के मद्देनजर ठेकेदार से कहकर मजदूरों की टोली बांग्लादेशी को  हटवाया , लेकिन शिकायत दर्ज नहीं कराई । उन्होंने कहा कि इन मजदूरों और भवन निर्माण ठेकेदार के सुपरवाइजर से बातचीत के बाद उन्हें संदेह हुआ कि ये श्रमिक बांग्लादेश के रहने वाले हैं।

भाजपा महासचिव से इन संदिग्ध लोगों के बारे में जब संवाददाताओं ने सवाल किये, तो उन्होंने कहा, "मुझे शंका थी कि ये मजदूर बांग्लादेश के रहने वाले हैं। मुझे संदेह होने के दूसरे ही दिन उन्होंने मेरे घर काम करना बंद कर दिया था।" विजयवर्गीय ने कहा, "मैंने पुलिस के सामने इस मामले में फिलहाल शिकायत दर्ज नहीं करायी है। मैंने तो केवल लोगों को सचेत करने के लिये उन मजदूरों का जिक्र किया था।"

कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा कि ''मजदूरों को पोहा नहीं खाना चाहिए, उन्हें केवल हलवा ही खाना चाहिए तभी उन्हें भारतीय, भारत का शहरी कहा जाएगा। ''

 
इससे पहले ओवैसी ने हलवा सेरमनी पर सियासत करते हुए कहा कि  "बीजेपी के नेता नाम बदलने की कवायद करते हैं और बीजेपी की वित्त मंत्री हलवा के आगे नमस्ते कर रही हैं." ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा, "हलवा उर्दू या हिंदी का शब्द नहीं है, हलवा अरबी शब्द है. इसको क्यों नहीं बदल रहे हैं." ओवैसी ने बीजेपी के नेताओं को घेरते हुए कहा, "यह सब कुछ चेंज करने की बात करते हैं. इस बार आवाम इनको ही चेंज कर देगी।"