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विपक्षी नेताओं ने कहा, चिदंबरम की गिरफ्तारी का तरीका निराशाजनक और अपमानजनक

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

 कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और माकपा सहित अन्य विपक्षी दलों ने बृहस्पतिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के समर्थन में उतरते हुए दावा किया कि उनके साथ जिस तरह का बर्ताव किया गया, वह निशाजनक और अपमानजनक है। साथ ही, उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री की गिरफ्तारी को लोकतंत्र की ‘‘हत्या’’ करार दिया। 

चिदंबरम को बुधवार रात सीबीआई की एक टीम ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में यहां जोरबाग स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता (चिदंबरम) को बृहस्प्तिवार को यहां की एक अदालत ने चार दिनों की सीबीआई हिरासत में सौंप दिया।

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, माकपा, द्रमुक, राकांपा और राजद ने चिदंबरम की गिरफ्तारी के तरीके की आलोचना की और उनके खिलाफ की गई इस कार्रवाई को ‘‘प्रतिशोध की राजनीति’’ करार दिया। कांग्रेस ने चिदंबरम की गिरफ्तारी को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को विपक्षी नेताओं से व्यक्तिगत बदला लेने वाले विभाग में तब्दील कर दिया गया है।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी आरोप लगाया कि ‘डूबती हुई अर्थव्यवस्था’ को लेकर सवाल खड़े करने की वजह से चिदंबरम को प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले दो दिनों में पूरे देश ने प्रजातंत्र की दिन दहाड़े हत्या होते देखी। मौजूदा भाजपा सरकार ने ईडी और सीबीआई को निजी बदला लेने वाले विभाग में तब्दील कर दिया है।’’ 

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘ जिस पूर्वाग्रह और व्यक्तिगत बदला लेने की भावना से पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को गिरफ्तार किया गया है वह इस सरकार के व्यक्तिगत बदला लेने के लिए किसी भी हद तक गिर जाने का सबूत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा की सरकार जब देश में भयंकर मंदी का हल निकालने में विफल साबित हुई, जब बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां जा रही हैं, जब हमारे रुपये का अवमूल्यन एशिया में सबसे ज्यादा हो रहा है, जो प्रधानमंत्री की उम्र को भी पार कर गया है और जब ऑटो क्षेत्र मंदी की मार झेल रहा है तो ऐसे में देश का ध्यान बांटने के लिए एक नया स्वांग और ड्रामा रचा गया।’’ 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने चिदंबरम को गिरफ्तार किए जाने के तरीके को “अत्यधिक निराशाजनक” बताते हुए कहा कि ‘गुहार लगा रही’ लोकतांत्रिक व्यवस्था की मदद के लिए न्यायपालिका आगे नहीं आ रही है। मीडिया हाउस भी केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के प्रवक्ता बन गये हैं।

चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद बृहस्पतिवार को अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने रविंद्रनाथ टैगोर का हवाला दिया और कहा, “न्याय का संदेश वीराने में खामोशी से सिसकियां ले रहा है।” 

तृणमूल कांग्रेस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘पी चिदंबरम एक अर्थशास्त्री और पूर्व गृहमंत्री तथा पूर्व वित्त मंत्री हैं। उन्हें जिस तरीके से गिरफ्तार किया गया वह निराशाजनक है।’’ 

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि कानून को अपना काम करना चाहिए लेकिन एक वरिष्ठ नेता (चिदंबरम) के साथ जो बर्ताव किया गया वह ‘‘आपत्तिजनक’’ है। 

येचुरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कानून अपना काम करेगा लेकिन जिस तरह से यह (चिदंबरम की गिरफ्तारी) किया गया, जो ड्रामेबाजी की गई वह पूरी तरह से आपत्तिजनक है।’’ 

पूर्व वित्त मंत्री का समर्थन करते हुए दम्रुक प्रमुख एम के स्टालिन ने इसे ‘‘प्रतिशोध की राजनीति’’ करार दिया, जबकि राजद ने भाजपा पर प्रहार करते हुए दावा किया कि यदि आप भगवा पार्टी के साथ हैं तो सब माफ हो जाएगा। 

स्टालिन ने बुधवार रात चिदंबरम के आवास में प्रवेश करने के लिए सीबीआई अधिकारियों के दीवार फांदने की आलोचना की और कहा कि वह इसे ‘‘भारत का अपमान’’ मानते हैं। 

उन्होंने संवाददातओं से कहा, ‘‘मैंने टीवी पर देखा, सीबीआई अधिकारी दीवार फांद रहे थे। मैं इसे भारत का अनादर मानता हूं। यह निंदनीय है।’’ 

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने चिंदबरम की (सीबीआई द्वारा) गिरफ्तारी और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ ईडी की कार्रवाई के पीछे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम किये जाने का आरोप लगाया।

राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अपने खिलाफ बोलने वाले विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरूपयोग कर रही है।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने पार्टी नेताओं के खिलाफ ‘प्रतिशोध की राजनीति’ को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री को इसलिए गिरफ्तार किया गया कि वह भगवा पार्टी के नेताओं के भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर थे। 

उन्होंने कहा कि चिदंबरम को जिस तरीके से गिरफ्तार किया गया वह अलोकतांत्रिक और पूरी तरह से अस्वीकार्य है।  इस बीच, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चिदंबरम की गिरफ्तारी के खिलाफ पश्चिम बंगाल अैर मध्य प्रदेश में प्रदर्शन किये। 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मप्र के भोपाल शहर में सीबीआई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।  पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़कों की नाकेबंदी की और रैलियां की।

(इनपुट- भाषा)

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