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फ्रांस के दूत ने कहा, राफेल समझौते में कोई ‘घोटाला’ नहीं हुआ ..

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

भारत में फ्रांस के दूत एलेक्जेंडर जिगलर ने बुधवार को कहा है कि राफेल समझौते में कोई ‘घोटाला’ नहीं हुआ. भारत और फ्रांस के बीच ‘सहयोग’ एवं ‘विश्वास’ की ओर इशारा करते हुए उन्होंने लोगों से तथ्यों को ध्यान में रखने को कहा. उन्होंने कहा, “क्या घोटाला? तथ्यों की ओर देखें, न कि ट्वीट पर ध्यान दें, मेरी बस यही अपील है. 

कथित राफेल घोटाले से भारत और फ्रांस की साझेदारी को कोई नुकसान होने के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में जिगलर ने कहा, “कोई घोटाला हुआ ही नहीं है.” यहां फ्रेंच टेक कम्युनिटी के लॉन्च से इतर मीडिया से उन्होंने कहा, “पिछली उपलब्धियों को देखें, एयरोनॉटिक्स के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बने भरोसे को देखें. मेक इन इंडिया के लिए उनकी प्रतिबद्धता को देखें जो काफी प्रभावित करने वाली है. 50 प्रतिशत ऑफसेट काफी अनोखा है, बड़े सरकारी खरीद पर गौर करें.”

बता दें, बीते दिनों दसॉल्ट के CEO एरिक ट्रैपियर ने न्यूज एजेंसी ANI से बात की थी. दसॉल्ट के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने इंटरव्यू में कहा था कि 58 हजार करोड़ रुपए के इस विमान सौदे में कुछ गलत नहीं हुआ और यह ‘साफ-सुथरा सौदा’ है. 

रिलायंस को साझेदार बनाने पर सफाई देते हुए एरिक ट्रैपियर ने कहा था कि हमने अंबानी को अपने आप चुना है. रिलायंस के अलावा हमारे पास पहले से 30 साझेदार हैं. भारतीय वायु सेना इस सौदे का समर्थन कर रहा है क्योंकि उन्हें अपने बचाव के लिए लड़ाकू विमानों की जरूरत है. 

वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने एरिक ट्रैपियर के इस इंटरव्यू पर कहा था, ‘‘पूर्वनियोजित साक्षात्कार और मनगढ़ंत झूठ से राफेल विमान को दबाया नहीं जा सकता.’’ उन्होंने आरोप लगाया था कि ‘‘भाजपा सरकार दसॉल्ट के बीच फिक्स्ड मैच है. प्रधानमंत्री मोदी और एरिक ट्रैपियर के पीआर स्टंट से भ्रष्टाचार को छिपाया नहीं जा सकता.’’

बता दें, राफेल डील को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है. कांग्रेस इस डील नें भ्रष्टाचार की बात कर रही है. वहीं केंद्र सरकार की तरफ से कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इस डील में किसी तरह के घोटाले को नकारा गया है.

हाल ही में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए कहा था कि 'ये सारा मामला सुप्रीम कोर्ट में था या नहीं था. क्यों राहुल गांधी अपनी सारी जानकारी लेकर.. अगर भ्रष्टाचार हुआ है तो सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं गए..? या अपनी पार्टी में से किसी को भेजते .. उनके पास सही जानकारी नहीं है.'

अमित शाह ने कहा था, 'जैसे ये कहते हैं विमान बनाने का ठेका अनिल अंबानी की कंपनी को दे दिया. 36 के 36 विमान फ्रांस से आने वाले हैं. बीजेपी का चरित्र घपले घोटाले करने का नहीं है. सुप्रीम कोर्ट में मामला है देखिए क्या होता है. हमने कुछ नहीं छुपाया है सुप्रीम कोर्ट से.. हमने सबकुछ सीलबंद लिफाफे में उनके सामने रख दिया है.'