General News

प्लास्टिक की समस्या से निपटने के लिए अगले महीने बुलाएंगे पर्यावरण मंत्रियों की बैठक : जावड़ेकर

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को कहा कि अगले महीने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक बुलाई जा रही है जिसमें प्लास्टिक की समस्या से निपटने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर रणनीति पर चर्चा की जायेगी ।

जावड़ेकर ने लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, भाजपा की मेनका गांधी और कुछ अन्य सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि अगले महीने सभी प्रदेशों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक बुलाई जा रही है जिसमें प्लास्टिक की समस्या से निपटने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर रणनीति पर चर्चा की जायेगी ।

मंत्री ने कहा कि देश में रोजाना करीब 25-30 हजार टन प्लास्टिक का कचरा निकलता है, लेकिन इसमें से दो-तिहाई को इकट्ठा किया जाता है। यानी एक तिहाई कचरा इकट्ठा नहीं हो पाता और यही मुख्य समस्या है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कहा कि यह सदन 130 करोड़ भारतीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व करता है। सिंगल यूज प्लास्टिक की समस्या के खिलाफ यह सदन एक संकल्प ले ताकि यहां से बड़ा संदेश जाए।

इस पर जावड़ेकर ने कहा कि यह अच्छा प्रस्ताव है।

कई सदस्यों ने भी स्पीकर की बात का समर्थन किया। जावड़ेकर ने कहा कि वर्षों पहले सब्जी लेने के लिए लोग घर से थैला लेकर जाते थे, लेकिन पॉलीथीन के कारण यह चलन बंद हो गया। फिर से हमें पुराने चलन की ओर लौटना होगा। कपड़े के थैले को बढ़ावा देने की जरूरत है।

इससे पहले पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण की गंभीर होती समस्या का ठीकरा एक बार फिर दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर फोड़ते हुए कहा है कि दिल्ली सरकार, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आदेशों का पालन नहीं कर रही है तथा प्रदूषण के नाम पर सिर्फ विज्ञापनों में पैसा बर्बाद किया जा रहा है।

रसायन उद्योग जगत द्वारा सोमवार को ‘सतत विकास’ पर आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद जावड़ेकर ने दिल्ली में वायु प्रदूषण के संकट पर संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि प्रदूषण जनता को तकलीफ देने वाली एक वास्तविक समस्या है। केन्द्र सरकार इस दिशा में बेहद गंभीर है, यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को थाईलैंड में होते हुए इस समस्या पर ध्यान दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने देर शाम दिल्ली और पड़ोसी राज्यों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई।

DO NOT MISS