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चंद सेकेंडों में कैसे भरभराकर गिरा नीरव मोदी का आलीशान बंगला, यहां देखें VIDEO

Written By Neeraj Chouhan | Mumbai | Published:

भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी का समुद्र तट स्थित बंगला विस्फोटक का इस्तेमाल कर ध्वस्त कर दिया गया। रायगढ़ जिला कलेक्टर विजय सूर्यवंशी ने कहा कि यह एक नियंत्रित विस्फोट था। जिसकी एक्सक्लूसिव वीडियो अब रिपब्लिक भारत के हाथ लगी है.

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने बंगले को ध्वस्त किए जाने के आदेश दिए थे।मंगलवार को बंगले में विस्फोटक लगाने के लिए पिलर में जगह बनाने के लिए उत्खनन (मशीन) का इस्तेमाल किया गया।

इसके लिए विशेष तकनीकी दल को बुलाया गया था। राज्य सरकार ने पिछले साल ईडी को पत्र लिख अलिबाग के नजदीक किहिम समुद्र तट पर स्थित बंगले को ध्वस्त करने के लिए अनुमति मांगी थी। ईडी ने इस संपत्ति को कुर्क किया था।

सूर्यवंशी ने कहा कि बंगले के समान की नीलामी की जाएगी। कुछ सामान अलग से रखा गया है जो कि ईडी के हवाले किया जाएगा।

गौरतलब है कि 25 जनवरी को बुलडोजर के जरिए बंगला गिराना शुरू किया था लेकिन आरसीसी निर्माण की वजह से इसमें काफी समय लग रहा था।

न्यायालय इस मामले में सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र धावले की याचिका पर सुनवाई पर ये आदेश जारी किया गया था. इसमें अदालत से शासन को ये आदेश देने का आग्रह किया गया है कि अलीबाग के कई गांवों में ‘‘ज्वार भाटे वाले इलाकों की सीमा’’ में आने वाले सभी अवैध बंगलों को गिरा दिया जाए. याचिका में कहा गया है कि ये बंगले महाराष्ट्र तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण के नियमों और राज्य के भू नियमों का उल्लंघन करके बनाए गए हैं.

याचिका में कहा गया है कि वर्सोली, ससवाने, कोलगांव और डोकावडे सहित दूसरे गांवों में ऐसे करीब 175 निजी आवासों का निर्माण हुआ है. ये बंगले नीरव मोदी सहित दूसरे ‘‘अमीर’’ व्यापारियों और फिल्म कलाकारों के हैं.

याचिका में कहा गया है कि वर्सोली, ससवाने, कोलगांव और डोकावडे सहित दूसरे गांवों में ऐसे करीब 175 निजी आवासों का निर्माण हुआ है. ये बंगले नीरव मोदी सहित दूसरे ‘‘अमीर’’ व्यापारियों और फिल्म कलाकारों के हैं.

डॉ बाबासाहेब आम्बेडकर तकनीकी विश्वविद्यालय के संरचनात्मक इंजीनियरों ने 27 जनवरी को एक सर्वेक्षण किया। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया था कि जिला अधिकारी नियंत्रित विस्फोट की मदद से विध्वंस को अंजाम दे।

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में नाम सामने आने के बाद से फरार चल रहे नीरव मोदी का नाम उन व्यक्तियों में शामिल है जिन्हें उनकी संपत्ति गिराए जाने की चेतावनी मिली है। बंगले से सभी कीमती वस्तुओं को जब्त करने के बाद 24 जनवरी को ईडी ने इसे कलेक्टरेट कार्यालय के हवाले कर दिया था।
 

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