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निर्भया मामला: दोषी पवन के नाबालिग होने के दावे को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

Written By Digital Desk | Mumbai | Published:

उच्चतम न्यायालय ने निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले में मौत की सजा पाने वाले चारों मुजरिमों में से एक पवन कुमार गुप्ता का यह दावा सोमवार को अस्वीकार कर दिया कि 2012 में अपराध के वक्त वह नाबालिग था।

न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति अशोक भान और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने पवन कुमार गुप्ता की याचिका पर सुनवाई के बाद उसे खारिज करते हुये दिल्ली उच्च न्यायालय का निर्णय बरकरार रखा।

पीठ ने कहा कि अपराध के समय दोषी के नाबालिग होने की दलील निचली अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान नहीं दी गयी थी। हालांकि , पवन के वकील ने दलील दी कि इस मामले में सजा पर बहस के दौरान यह मुद्दा उठाया गया था।

पवन गुप्ता ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी।

इस याचिका में अनुरोध किया गया था कि प्राधिकारियों को एक फरवरी को उसकी मौत की सजा पर अमल नहीं करने का निर्देश दिया जाये।

दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने इस मामले में फैसला सुनाने के लिए 2.30 बजे का समय तय किया।

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को चारों दोषियों-विनय शर्मा, मुकेश कुमार, अक्षय कुमार सिंह और पवन- की मौत की सजा पर एक फरवरी को अमल करने के लिये नये सिरे से आवश्यक वारंट जारी किये थे।

निर्भया के साथ 16-17 दिसंबर, 2012 की रात में दक्षिण दिल्ली में चलती बस में छह व्यक्तियों ने सामूहिक बलात्कार के बाद उसे बुरी तरह जख्मी हालत में सड़क पर फेंक दिया था। निर्भया की बाद में 29 दिसंबर, 2012 को सिंगापुर के एक अस्पताल में मृत्यु हो गयी थी।

(इनपुट- भाषा)

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