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निर्भया मामला: अदालत ने कहा किसी नए दिशा-निर्देश की जरूरत नहीं, दोषियों के वकील की याचिका निपटाई

Written By Press Trust of India (भाषा) | Mumbai | Published:

दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के दोषियों के वकील की याचिका का निपटारा करते हुए शनिवार को कहा कि आगे किसी दिशा-निर्देश की आवश्यकता नहीं है।

वकील ने याचिका में आरोप लगाया था कि जेल के अधिकारी वे दस्तावेज मुहैया नहीं करा रहे हैं जो दया तथा सुधारात्मक याचिकाएं दायर करने के लिए जरूरी हैं।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय कुमार जैन ने कहा कि दोषियों के वकील तिहाड़ जेल के अधिकारियों से संबंधित दस्तावेज, पेंटिंग और डायरी की तस्वीरें ले सकते हैं।

अदालत ने टिप्पणी की कि जेल प्रशासन के पास जो भी दस्तावेज थे, उसने उन्हें सौंपकर दोषियों के अनुरोध को पहले ही मान लिया है।

अधिकारी अदालत कक्ष में अपने साथ अनेक दस्तावेज, दोषी विनय शर्मा द्वारा बनाए गए कम से कम 10 चित्र और रेखाचित्र तथा 19 पेजों वाली उसकी नोटबुक साथ लाए थे। इस नोटबुक का शीर्षक ‘दरिंदा’ है।

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘इसे देखते हुए कोई दस्तावेज मुहैया कराने के निर्देश देने की जरूरत नहीं है। हालांकि जेल प्रशासन को चित्रों और ‘दरिंदा’ शीर्षक वाली नोटबुक की प्रति आज ही अदालत में दोषियों के वकील को पावती लेकर सौंपने के निर्देश दिए जाते हैं।’’

न्यायाधीश ने कहा,‘‘तदनुसार याचिका निपटाई जाती है।’’

तिहाड़ जेल की ओर पेश हुए लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि जेल के अधिकारियों ने 2012 के निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में मौत की सजा पाए दोषियों के वकील द्वारा मांगे गए सभी संबंधित दस्तावेज मुहैया करा दिए हैं।

उन्होंने दावा किया कि दोषी केवल ‘‘विलंब करने की तरकीब’’ अपना रहे हैं।

लोक अभियोजक ने कहा, ‘‘पूरी प्रक्रिया कानून को परास्त करने की है। हमने पहले ही सारे दस्तावेज मुहैया करा दिए हैं। वे जहां भी गए, हमने उन सभी जेलों से सभी दस्तावेज प्राप्त कर लिए थे।’’

इसके बाद उन्होंने दोषी विनय कुमार शर्मा की ‘दरिंदा’ नाम की डायरी अदालत के समक्ष पेश की। इसके अलावा उसकी कई पेंटिंग तथा अन्य दस्तावेज भी पेश किए।

वकील ने कहा, ‘‘हमारे पास बस यही है। अगर अदालत निर्देश दे तो हम दोषियों को तत्काल ये सौंप सकते हैं।’’

दोषियों के वकील ए. पी. सिंह ने आरोप लगाया कि विनय को धीमा जहर दिया गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसकी चिकित्सकीय जांच के कागज उन्हें नहीं दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शुक्रवार की रात जेल अधिकारियों से कुछ दस्तावेज उन्हें मिले, लेकिन विनय की डायरी और मेडिकल कागजात नहीं मिले हैं।

सिंह ने कहा, ‘‘वे (तिहाड़ जेल प्रशासन) कहते हैं कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है। विनय को धीमा जहर दिया जा रहा था, इसलिए उसे अस्पताल भी भेजा गया था। विनय ने उस बारे में कई पेंटिंग बनाई हैं और हम उस बारे में राष्ट्रपति को बताना चाहते हैं। यह भी बताने की जरूरत है कि उन चित्रों से उसे क्या आय हुई।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि मंडलोई जेल में दूसरे आरोपी पवन सिंह का सिर फोड़ दिया गया था, उसे अस्पताल ले जाया गया था लेकिन वे कागजात भी वकील को मुहैया नहीं कराए गए।

सिंह ने कहा कि तीसरे आरोपी अक्षय कुमार सिंह के स्वास्थ्य से जुड़े कागजात भी नहीं मिले हैं जो दया तथा सुधारात्मक याचिकाएं दायर करने के लिए जरूरी हैं।

उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में दो अन्य दोषियों विनय और मुकेश (32) की सुधारात्मक याचिकाएं खारिज कर दी थीं। राष्ट्रपति ने इस महीने की शुरुआत में मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी थी।

अदालत के आदेश के अनुसार, सभी चारों दोषियों को एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी होनी है।

गौरतलब है कि पैरा मेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा से 16-17 दिसंबर 2012 की मध्य रात्रि को छह लोगों ने चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया था और उसे सड़क पर फेंक दिया था। उसे इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था जहां उसने दम तोड़ दिया।

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